ललितपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ललितपुर जिले में विकास को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए 1,766 करोड़ रुपये की लागत वाली 221 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। तुवन मंदिर परिसर पहुंचने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड में हो रहे बदलाव और सरकार की विकास योजनाओं का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन की पहचान से निकलकर विकास के नए मॉडल के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता था, वहीं अब हर घर नल योजना के माध्यम से हर परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र को औद्योगिक विकास का केंद्र बनाना है तो वह बुंदेलखंड होगा।
पुराने हालात को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की महिलाएं अपना पूरा जीवन पानी ढोने में गुजार देती थीं। मिट्टी के घड़ों में पानी लाने वाली महिलाओं की परेशानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कभी घड़ा टूट जाता था तो यह उनके लिए बड़ी चिंता का कारण बन जाता था। मुख्यमंत्री ने इसे बुंदेलखंड की पुरानी तस्वीर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड पिछड़ा इसलिए नहीं रहा कि यहां संसाधनों की कमी थी या लोगों ने मेहनत नहीं की। उन्होंने इसके लिए पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली और माफिया संस्कृति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिलते थे और हर जिले में माफिया सक्रिय रहते थे, जो युवाओं के अधिकारों को प्रभावित करते थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास परियोजनाओं में भी पहले दबाव और अव्यवस्था का असर दिखाई देता था। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया अपने लोगों को काम दिलाने के लिए मजबूर करते थे, जिससे आम लोगों के अधिकार प्रभावित होते थे और बुंदेलखंड के लोगों को उपेक्षा महसूस होती थी।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि बुंदेलखंड को रक्षा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारे के तहत ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंधु का उल्लेख करते हुए कहा कि जब ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया तो पाकिस्तान पर इसका प्रभाव पड़ा और वह पूरी दुनिया के सामने दबाव में आ गया।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बुंदेलखंड की महिलाएं केवल पानी ढोने तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही हैं और यह मॉडल बन रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के प्रमुख उदाहरण बुंदेलखंड, झांसी और ललितपुर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सिंचाई और विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से अटकी अर्जुन सहायक परियोजना अब पूरी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि रतौली बांध, भवानी बांध, खासनोदा बांध, मझगांव और चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाओं ने बुंदेलखंड के किसानों की स्थिति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है और क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।