कोलकाताः पश्चिमबंग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक, बौद्धिक और ऐतिहासिक विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि साहित्य, संगीत, कला, अध्यात्म, विज्ञान, व्यापार और सामाजिक सुधार जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देकर बंगाल ने भारत की राष्ट्रीय चेतना को लगातार समृद्ध किया है। प्रधानमंत्री के संदेश के साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी सोशल मीडिया पर उनका स्वागत करते हुए पश्चिम बंगाल को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखोपाध्याय की धरती बताया और उनके दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बंगाल के योगदान को किया याद
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिमबंग दिवस केवल एक राज्य का स्थापना दिवस नहीं, बल्कि भारत की विकास और सभ्यतागत यात्रा में पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण योगदान को याद करने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने समय-समय पर साहित्य, संगीत, कला, अध्यात्म, विज्ञान, व्यापार और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर देश की राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने राज्य की जनता को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना भी की।
20 जून के ऐतिहासिक महत्व का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में 20 जून की ऐतिहासिक अहमियत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह दिन पश्चिम बंगाल के इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसी दिन लिए गए निर्णयों ने यह सुनिश्चित किया था कि पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना रहे।
उन्होंने कहा कि यह तिथि राज्य के इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय की याद दिलाती है और देश की एकता एवं अखंडता के संदर्भ में भी इसका विशेष महत्व है।
Warm greetings to my sisters and brothers of West Bengal on the occasion of Paschimbanga Divas.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 20, 2026
This day celebrates a state that has profoundly shaped India's history through its contributions to diverse areas be it literature, music, art, spirituality, science, trade and…
शुभेंदु अधिकारी ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री के पश्चिम बंगाल दौरे के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी सोशल मीडिया पर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री के आगमन से उत्साहित है और पश्चिमबंग दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को लेकर प्रसन्न है।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों की ओर से वह उनका हार्दिक अभिनंदन करते हैं। उन्होंने राज्य को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखोपाध्याय की धरती बताते हुए प्रधानमंत्री के आगमन को विशेष महत्व का बताया।
On behalf of the people of West Bengal, I extend a Hearty Welcome to the Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji on his visit to our vibrant State.
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) June 20, 2026
We are delighted to have Hon'ble PM join us to grace the auspicious occasion of 'Paschimbanga Dibos' (পশ্চিমবঙ্গ দিবস) and… pic.twitter.com/MYXoHq0iwL
बंगाल दौरे पर प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 जून को पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान वह पश्चिमबंग दिवस समारोह में हिस्सा लेने के साथ-साथ कोलकाता में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का भी नेतृत्व करेंगे।
राज्य में उनके दौरे को राजनीतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिमबंग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के साथ-साथ योग दिवस के आयोजन को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं।
क्यों खास है पश्चिमबंग दिवस?
पश्चिम बंगाल में 20 जून का विशेष महत्व है। यह दिन राज्य की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और उसके गठन से जुड़ी घटनाओं की स्मृति में आयोजित किया जाता है। अब तक भाजपा की बंगाल इकाई लगातार 20 जून को पश्चिम बंगाल के स्थापना दिवस के तौर पर मनाती रही है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह पहला मौका है जब राज्य सरकार इस दिन को आधिकारिक रूप से 'पश्चिमबंग दिवस' के तौर पर मनाने जा रही है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की इस जन्मभूमि पर ये दिन पार्टी के लिए बेहद अहम माना जाता है।
इस दिन का महत्व वर्ष 1947 की उस ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है, जब बंगाल विधान सभा में माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल के विभाजन को लेकर मतदान हुआ था। हिंदू बहुल क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भारत के साथ रहने के पक्ष में मतदान किया था, जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल का गठन संभव हो सका। वहीं मुस्लिम बहुल क्षेत्रों का हिस्सा बाद में पूर्वी पाकिस्तान बना, जो आगे चलकर बांग्लादेश के रूप में स्थापित हुआ।