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पश्चिमबंग दिवस पर बंगाल में पीएम मोदी का मेगा कार्यक्रम, करोड़ों की योजनाओं को हरी झंडी

तारकेश्वर से कोलकाता तक कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे प्रधानमंत्री; किसानों के खातों में पहुंचेगी पीएम-किसान की नई किस्त, तीन स्वदेशी युद्धपोत भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

By श्वेता सिंह

Jun 20, 2026 11:47 IST

कोलकाताः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार से पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उनका कार्यक्रम विकास, कृषि, बुनियादी ढांचे, योग और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम आयोजनों पर केंद्रित रहेगा। प्रधानमंत्री राज्य के विभिन्न हिस्सों में विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे, किसानों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ हस्तांतरित करेंगे और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व भी करेंगे।

तारकेश्वर में पश्चिमबंग दिवस समारोह में होंगे शामिल

ओडिशा से पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय पश्चिमबंग दिवस समारोह में भाग लेंगे। इस वर्ष समारोह की थीम ‘वेस्ट बंगाल: हेरिटेज, हार्मनी एंड डेवलपमेंट’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और विकास की आकांक्षाओं को सामने लाना है। कार्यक्रम में बंगाल के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

किसानों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत

प्रधानमंत्री इस अवसर पर कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्री स्टैक, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग तथा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं।

इसके साथ ही वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए जाएंगे। पश्चिम बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों को 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिलेगी। नई किस्त जारी होने के बाद राज्य में पीएम-किसान के तहत कुल वितरण 15,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा।

मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा नया आधार

मत्स्य अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना जिले के फ्रेजरगंज में आधुनिकीकृत एवं विस्तारित मछली बंदरगाह का उद्घाटन करेंगे। साथ ही बीरभूम जिले के सैंथिया में निर्मित आधुनिक मछली बाजार को भी जनता को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से मत्स्य उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।

रेलवे और सड़क परियोजनाओं को मिलेगी गति

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री लगभग 590 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें हावड़ा जिले की संकरैल-सांतरागाछी लिंक लाइन परियोजना, हावड़ा में 300 बिस्तरों वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल का निर्माण तथा पूर्व मेदिनीपुर जिले के हाउर और राधामोहनपुर के बीच सड़क ओवरब्रिज शामिल हैं।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-III) के तहत तैयार 49 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। इन परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न जिलों में 315 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क बेहतर होगा और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

राजभवन में रात्रि विश्राम, रेड रोड पर योग दिवस का नेतृत्व

शनिवार रात प्रधानमंत्री कोलकाता के राजभवन में ठहरेंगे। रविवार सुबह वह कोलकाता के प्रतिष्ठित रेड रोड पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे।

इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गई है। इसका उद्देश्य स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री हजारों प्रतिभागियों के साथ योग सत्र में शामिल होंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे।

दुनियाभर में लगभग 2,500 स्थानों पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें भारत के 210 से अधिक दूतावासों और मिशनों की भागीदारी रहेगी।

तीन स्वदेशी युद्धपोतों को करेंगे राष्ट्र को समर्पित

दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री भारतीय नौसेना के लिए तैयार तीन स्वदेशी युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस दुनागिरी, सर्वेक्षण पोत आईएनएस संशोधक और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट आईएनएस अग्रय शामिल हैं।

इन युद्धपोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता, समुद्री निगरानी तंत्र और तटीय सुरक्षा व्यवस्था को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। तीनों पोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है और उनका निर्माण कोलकाता स्थित Garden Reach Shipbuilders & Engineers (जीआरएसई) ने किया है। परियोजना में 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की भी भागीदारी रही है।

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