टेक्सास (अमेरिका) : फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-एफ में स्वीडन के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले नीदरलैंड के मुख्य कोच रोनाल्ड कोएमन ने जापान के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ रहने की जिम्मेदारी स्वयं ली है। उन्होंने स्वीकार किया कि मैच के दौरान किए गए उनके बदलाव टीम के पक्ष में नहीं रहे और इसके लिए वह पूरी तरह जवाबदेह हैं। साथ ही उन्होंने स्टार मिडफील्डर फ्रेंकी डी योंग की फिटनेस को लेकर भी अनिश्चितता जताई।
जापान के खिलाफ मुकाबले में नीदरलैंड ने बढ़त हासिल की थी लेकिन 89वें मिनट में गोल खाकर मैच 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुआ। रक्षात्मक रणनीति अपनाने के बाद टीम जीत नहीं बचा सकी। मैच से पहले पत्रकारों से बातचीत में रोनाल्ड कोएमन ने कहा कि बेंच से किए गए बदलाव अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके और इसकी जिम्मेदारी वह खुद लेते हैं।
उन्होंने कहा कि आलोचना स्वीकार करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है। कोच के मुताबिक उन्होंने अपने सहयोगी स्टाफ से चर्चा के बाद फैसले लिए थे और खिलाड़ियों को ऊंचे स्तर पर दबाव बनाने का निर्देश दिया गया था लेकिन टीम ऐसा करने में सफल नहीं रही। अब इस संदेश को खिलाड़ियों तक और बेहतर तरीके से पहुंचाया जाएगा।
स्वीडन ने अपने पहले मुकाबले में ट्यूनीशिया को 5-1 से हराकर शानदार शुरुआत की है। टीम के स्ट्राइकर विक्टर ग्योकेरेस और अलेक्जेंडर इसाक ने गोल दागते हुए विपक्षी रक्षा पंक्ति को लगातार परेशान किया। कोएमन ने कहा कि दोनों खिलाड़ी तेज, ताकतवर और गोल करने में सक्षम हैं इसलिए उनकी टीम उन पर विशेष नजर रखेगी, हालांकि पूरा ध्यान केवल दो खिलाड़ियों पर नहीं बल्कि पूरी स्वीडिश टीम पर होगा।
नीदरलैंड को इस मुकाबले में रक्षक क्विंटन टिम्बर की सेवाएं नहीं मिलेंगी। अभ्यास सत्र के दौरान साथी खिलाड़ी ट्यून कूपमाइनर्स से टक्कर लगने के कारण उन्हें हल्का कंकशन हुआ है। कोएमन ने बताया कि वह स्वीडन के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे लेकिन अगले मैच तक उनकी वापसी की संभावना है।
दूसरी ओर मिडफील्डर फ्रेंकी डी योंग भी पेट के निचले हिस्से से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने अभ्यास में हिस्सा तो लिया, लेकिन उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला मैच के दिन ही लिया जाएगा। कोच ने कहा कि फिलहाल उनकी स्थिति पर प्रश्नचिह्न बना हुआ है और यह स्पष्ट नहीं है कि वह खेल पाएंगे या नहीं।
हालांकि रोनाल्ड कोएमन ने यह भी साफ किया कि फ्रेंकी डी योंग को टीम से बाहर रखने का कोई सवाल नहीं उठता। उन्होंने कहा कि डी योंग सामरिक दृष्टि से बेहद समझदार खिलाड़ी हैं, हालांकि आक्रमण के समय उन्हें और आगे बढ़कर खेलना चाहिए। कोच के अनुसार इस क्षेत्र में सुधार की गुंजाइश जरूर है, लेकिन उनकी उपयोगिता पर कोई संदेह नहीं है।
कोच को टीम के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी मेम्फिस डेपे से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। जांघ की चोट से उबर रहे डेपे जापान के खिलाफ स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में उतरे थे, लेकिन प्रभाव नहीं छोड़ सके।
ग्रुप-एफ में स्वीडन अपने पहले मैच की बड़ी जीत के बाद शीर्ष पर है जबकि नीदरलैंड के खाते में एक अंक है। ऐसे में शनिवार को होने वाला यह मुकाबला नॉकआउट चरण की दौड़ के लिहाज से दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।