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शरीफ उस्मान बिन हादी हत्याकांड: NIA जांच को मिला अतिरिक्त समय

पश्चिम बंगाल STF से मिले रिकॉर्ड का विश्लेषण जारी, नए सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही जांच

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 20, 2026 13:05 IST

नई दिल्ली/ कोलकाता : अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच पूरी करने के लिए और समय मिल गया है। नई दिल्ली स्थित विशेष एनआईए अदालत ने एजेंसी को जांच पूरी करने के लिए 45 अतिरिक्त दिनों की अनुमति प्रदान की है। यह मामला बांग्लादेश में राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है।

विशेष एनआईए अदालत ने एजेंसी की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए जांच अवधि को 90 दिनों से बढ़ाकर 135 दिन करने की अनुमति दी। अवकाशकालीन न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ने 16 जून को एनआईए की दलीलों और प्रस्तुत दस्तावेजों पर विचार करने के बाद यह आदेश पारित किया।

पश्चिम बंगाल एसटीएफ से मिले दस्तावेजों की हो रही जांच

एनआईए ने अदालत को बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कुछ महत्वपूर्ण अभिलेख प्राप्त हुए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि इन दस्तावेजों की जांच और उनसे जुड़े तथ्यों के सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी, अधिवक्ता जतिन, अमित रोहिला और लोक अभियोजक कुशदीप गौर अदालत में उपस्थित हुए।

नए साक्ष्यों के आधार पर हिरासत की मांग

जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि 8 जून को उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में उसे कुछ नई सामग्री प्राप्त हुई है। एनआईए के अनुसार इन नए साक्ष्यों में शामिल तथ्यों का सत्यापन अभियुक्तों से पूछताछ के माध्यम से किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर एजेंसी ने अभियुक्तों की आगे की पुलिस हिरासत की मांग की थी। हालांकि अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता शशांक राय ने अतिरिक्त हिरासत की मांग का विरोध किया।


तीन अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

19 जून को अवकाशकालीन न्यायाधीश मीनू कौशिक ने तीन अभियुक्तों-राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद, आलमगीर हुसैन और फिलिप सांगमा को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले एनआईए ने इन अभियुक्तों को जेल से हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एनआईए इससे पहले राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन से 21 दिनों तक पूछताछ कर चुकी है, जबकि फिलिप सांगमा से सात दिनों तक पूछताछ की गई थी।

मेघालय सीमा से अवैध रूप से भारत में घुसने का आरोप

एनआईए के अनुसार तीनों अभियुक्त मार्च 2026 में गिरफ्तार किए गए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि ये सभी बांग्लादेश से मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि बाद में जब वे पश्चिम बंगाल के बनगांव क्षेत्र से वापस बांग्लादेश लौटने का प्रयास कर रहे थे, तब उन्हें पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था।

बांग्लादेशी राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या से जुड़ा मामला

एनआईए का आरोप है कि अभियुक्त बांग्लादेश के राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के मामले से जुड़े हुए हैं। हादी की 12 दिसंबर 2025 को ढाका में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया है कि उस समय वह एक ऑटो रिक्शा में यात्रा कर रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उन पर हमला किया। शरीफ उस्मान बिन हादी वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए जुलाई आंदोलन के दौरान एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में उभरे थे।

हत्या के बाद कई इलाकों में हुई थी हिंसा

जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएं हुई थीं। इस हत्या मामले में 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। एनआईए अब इस पूरे मामले में भारत में गिरफ्तार अभियुक्तों की भूमिका, सीमा पार गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और नए दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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