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भारत में 2030 तक लौट सकती है Formula 1 रेसिंग, FMSCI अध्यक्ष अरिंदम घोष ने बताया प्लान

खेल मंत्रालय के साथ बैठक में अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों और भारतीय ड्राइवरों के विकास पर चर्चा।

By शिखा सिंह

Jun 19, 2026 18:57 IST

बेंगलुरु : भारत में एक बार फिर फॉर्मूला-1 रेसिंग की वापसी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। भारतीय मोटरस्पोर्ट्स महासंघ (एफएमएससीआई) के अध्यक्ष अरिंदम घोष ने कहा है कि भारत में वर्ष 2030 तक फॉर्मूला-1 लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा देश में 2028 तक वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप (डब्ल्यूआरसी) का एक राउंड और मोटोजीपी प्रतियोगिता आयोजित कराने की भी योजना पर काम चल रहा है।

अरिंदम घोष ने गुरुवार को दिल्ली में खेल मंत्रालय के साथ हुई बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में भारत में एफ1, मोटोजीपी और डब्ल्यूआरसी राउंड आयोजित करने की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

एफएमएससीआई के वार्षिक पुरस्कार समारोह में घोष ने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा खडसे, वरिष्ठ अधिकारियों और संभावित भागीदारों के साथ हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों को वापस लाना था।

उन्होंने कहा कि बैठक में भारतीय ड्राइवरों को विकसित करने और देश में मोटरस्पोर्ट्स के समग्र विकास की जरूरत पर भी जोर दिया गया। घोष के अनुसार एफएमएससीआई की ओर से दिए गए सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया गया।

बेंगलुरु में आयोजित एफएमएससीआई अवॉर्ड नाइट में वर्ष 2025 के सभी मोटरस्पोर्ट्स राष्ट्रीय चैंपियनों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में दोपहिया और चार पहिया वाहनों से जुड़ी 17 अलग-अलग प्रतियोगिताओं में कुल 137 ट्रॉफियां प्रदान की गईं। इसके अलावा विजेता टीमों, प्रमोटर्स और प्रायोजकों को भी सम्मानित किया गया।

इस समारोह में युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी विशेष पहचान मिली। दिल्ली पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद की 9 वर्षीय अरशी गुप्ता सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। वहीं चेन्नई के ईशांत वेंकटेशन और बेंगलुरु के ईशान मादेश को राष्ट्रीय कार्टिंग में प्रदर्शन के लिए एफआईए अध्यक्ष पदक प्रदान किए गए।

एफएमएससीआई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष पुरस्कार दिए। हैदराबाद के नवीन पुलिगिल्ला और कासरगोड के मूसा शरीफ को वर्ल्ड रैली चैंपियनशिप में भारत के लिए इतिहास रचने के लिए सम्मानित किया गया। दोनों ने रैली सऊदी अरब में डब्ल्यूआरसी3 वर्ग में पोडियम हासिल करने वाली पहली भारतीय टीम बनकर उपलब्धि दर्ज की थी।

भारतीय महिला रेसर ऐश्वर्या पिस्से को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने पिछले साल पुर्तगाल में एफआईएम महिला सर्किट रेसिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप (2डब्ल्यूआरसी) के एक राउंड में जीत हासिल कर इतिहास बनाया था। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

एशियाई स्तर की उपलब्धियों के लिए चेन्नई की जगथिश्री कुमारेशन को सम्मान मिला। उन्होंने ताइवान में आयोजित एशियन कप ऑफ सर्किट रेसिंग में गर्ल्स वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं मुस्कान जुबल को एशिया ऑटो जिमखाना चैलेंज (एएजीसी) मिक्स्ड डबल्स वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के लिए सम्मानित किया गया।

अचिंत्य मेहरोत्रा को एफआईए मोटरस्पोर्ट्स गेम्स जिमखाना प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के लिए और आरुथ्रन प्रभु को एफआईए एशिया पैसिफिक मोटरस्पोर्ट चैंपियनशिप में कार्टिंग स्लैलम स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए विशेष पुरस्कार दिया गया।

तरुषी विक्रम को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने कोलंबो में आयोजित एशिया पैसिफिक मोटरस्पोर्ट्स गेम्स और एएजीसी में एक-एक रजत पदक जीते थे।

इसके अलावा मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े अधिकारियों और स्वयंसेवकों के योगदान को भी सराहा गया। खेल अधिकारी अश्विनकुमार पंडित, तकनीकी अधिकारी सीवी श्रीनाथ और मार्शल गौतम शांतप्पा को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

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