न्यूयॉर्क : स्पेन के कप्तान रोद्री को लेकर हो रही आलोचनाओं पर मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते ने कड़ा जवाब दिया है। केप वर्डे के खिलाफ फीफा विश्व कप मुकाबले में स्पेन के 0-0 से ड्रॉ खेलने के बाद रोद्री के प्रदर्शन पर उठे सवालों को दे ला फुएंते ने अपमानजनक बताया और अपने कप्तान का खुलकर बचाव किया।
स्पेन और केप वर्डे के बीच हुए इस मुकाबले के बाद ग्रुप एच की सभी चारों टीमें एक-एक अंक पर हैं। ऐसे में अगले मुकाबलों से पहले ग्रुप में नॉकआउट चरण की दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।
स्पेन के कोच लुइस दे ला फुएंते ने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माने जाने वाले रोद्री के बारे में इस तरह की बातें करना उन्हें बेहद अनुचित लगता है। उन्होंने कहा, “मुझे यह बेहद अपमानजनक लगता है कि लोग दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के बारे में ऐसी बातें करते हैं। क्या दुनिया के दूसरे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के लिए भी लोग ऐसा कहने की हिम्मत करेंगे? मुझे नहीं लगता।”
दे ला फुएंते ने रोद्री की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वह अपनी पूरी लय में नहीं भी हों, तब भी वह दुनिया के अधिकतर मिडफील्डरों से बेहतर हैं। उन्होंने बताया कि रोद्री की खेल को समझने की क्षमता, धैर्य और टीम में संतुलन बनाने की काबिलियत उन्हें खास बनाती है। क्योंकि वह स्पेनिश हैं, इसलिए हम अपने खिलाड़ियों के बारे में ऐसी बातें कह देते हैं, जो शायद दूसरे खिलाड़ियों के लिए नहीं कहते। रोद्री दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। वह 50 प्रतिशत क्षमता के साथ भी दुनिया के ज्यादातर मिडफील्डरों से बेहतर हैं। वह खेल में स्पष्टता, नजरिया और संतुलन लेकर आते हैं। रोद्री हमारे लिए प्रेरणा हैं।
केप वर्डे ने फीफा विश्व कप में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया की नंबर दो रैंकिंग वाली और मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। अटलांटा में खेले गए इस मुकाबले में केप वर्डे की रक्षात्मक रणनीति ने सभी को प्रभावित किया।
कम आबादी वाले देशों में शामिल केप वर्डे ने अपने मजबूत डिफेंस के दम पर स्पेन जैसी स्टार खिलाड़ियों से भरी टीम को गोल करने से रोक दिया। स्पेन ने पूरे मैच में 27 शॉट लगाए, लेकिन एक भी बार गेंद को गोलपोस्ट के अंदर नहीं पहुंचा सका।
विश्व कप मुकाबले में बिना गोल किए 27 शॉट लगाने का यह स्पेन का संयुक्त रूप से सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 1998 विश्व कप में पैराग्वे के खिलाफ भी स्पेन ने 27 प्रयास किए थे, लेकिन वह मुकाबला भी 0-0 से बराबरी पर समाप्त हुआ था।
अब स्पेन की नजरें अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर ग्रुप एच में अपनी स्थिति मजबूत करने पर होंगी, जबकि कोच दे ला फुएंते को उम्मीद है कि रोद्री टीम के लिए आगे भी अहम भूमिका निभाएंगे।