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बंडी संजय के बेटे बंडी साई भगीरथ को तेलंगाना पॉक्सो केस में 7 दिन की अंतरिम जमानत

परीक्षा में शामिल होने के लिए आरोपी को मिली 7 दिन की जमानत

By शिखा सिंह

Jun 20, 2026 14:27 IST

हैदराबाद : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित मल्काजगिरी की विशेष पॉक्सो अदालत ने केंद्रीय मंत्री बंडी संजय के बेटे बंडी साई भगीरथ को सात दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें अपनी अंतिम परीक्षाओं में शामिल होने के लिए दी गई है। भगीरथ के खिलाफ बशीर बाग पुलिस थाने में पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज है।

सूत्रों के अनुसार अदालत ने अंतरिम जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी तय की हैं। यह जमानत केवल सात दिनों के लिए लागू होगी और इस अवधि के दौरान आरोपी को अदालत द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

बंडी साई भगीरथ को इससे पहले पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज कथित मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अदालत ने उन्हें 29 मई तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया था।

मामले में पुलिस की ओर से हिरासत की मांग का भगीरथ के वकील ने कड़ा विरोध किया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने विस्तृत जवाबी याचिका दाखिल करते हुए पुलिस की मांग को तुरंत खारिज करने की अपील की थी।

बचाव पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए बयान के अनुसार वकील ने कहा कि यदि अदालत पुलिस हिरासत की अनुमति देने पर विचार करती है तो तेलंगाना उच्च न्यायालय के आपराधिक पुनरीक्षण याचिका संख्या 165/2022 में दिए गए निर्देशों के अनुसार उचित सुरक्षा उपाय और आवश्यक दिशा-निर्देश लागू किए जाएं।

भगीरथ के वकील ने मांग की थी कि पूछताछ केवल सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक की जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि हर दिन पूछताछ पूरी होने के बाद शाम 7 बजे तक आरोपी को चेरलापल्ली केंद्रीय जेल के अधीक्षक की हिरासत में वापस भेजा जाए।

बचाव पक्ष ने यह भी अनुरोध किया था कि पूछताछ से पहले और बाद में जेल के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा आरोपी की मेडिकल जांच कराई जाए। साथ ही पूछताछ पूरी होने के तुरंत बाद या अदालत द्वारा तय तारीख पर आरोपी को संबंधित अदालत के सामने पेश करने की मांग भी की गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख तय की थी।

भगीरथ के वकील अधिवक्ता करुणासागर के अनुसार, उनके मुवक्किल ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद जांच की सामान्य प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने दावा किया कि भगीरथ ने पूछताछ में पूरा सहयोग किया है।

अधिवक्ता करुणासागर ने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उनके मुवक्किल सभी आरोपों से बरी होंगे और निर्दोष साबित होंगे।

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