नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन से पहले योग संगम अभियान ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ देशव्यापी योग सत्र में भाग लेने के लिए छह लाख से अधिक संगठनों ने पंजीकरण कराया है। मंत्रालय ने इसे देशभर में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और उत्साह का संकेत बताया है।
योग संगम अभियान को मिला व्यापक समर्थन
योग संगम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की प्रमुख पहलों में से एक है। इसका उद्देश्य देशभर के संस्थानों, संगठनों और समुदायों को एक साझा मंच पर जोड़ना है, ताकि वे एक ही समय पर कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के अनुसार योगाभ्यास कर सकें।
इस पहल के तहत किसी एक केंद्रीय स्थल तक आयोजन को सीमित न रखते हुए विभिन्न संस्थानों को अपने-अपने स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा दी गई है, जिससे यह एक राष्ट्रीय जनभागीदारी अभियान का रूप ले चुका है।
21 जून को पीएम मोदी के साथ करेंगे योग
पंजीकृत संगठन 21 जून को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिभागियों को एकत्रित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एकसाथ योग करेंगे। हाल के दिनों में पंजीकरण की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे योग दिवस को लेकर लोगों के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्कूलों से लेकर स्वयंसेवी संस्थाओं तक की भागीदारी
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, निजी संगठन, गैर-सरकारी संस्थाएं (एनजीओ) और विभिन्न सामुदायिक समूह बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं।
पंजीकरण के आंकड़ों के अनुसार, 3.22 लाख से अधिक सरकारी संस्थान, करीब दो लाख शैक्षणिक संस्थान, 16 हजार से ज्यादा निजी संस्थान, पांच हजार से अधिक एनजीओ तथा लगभग 44 हजार अन्य श्रेणी के संगठन इस पहल का हिस्सा बने हैं।
योग संगम कार्यक्रम देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहुंच चुका है। देश के 778 जिलों में इस पहल के तहत आयोजन की तैयारी चल रही है, जिससे इसकी व्यापक पहुंच का पता चलता है।
पश्चिम बंगाल ने दर्ज की सर्वाधिक भागीदारी
राज्यों के आंकड़ों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा है। यहां 2.76 लाख से अधिक संगठनों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद राजस्थान का स्थान है, जहां लगभग 1.50 लाख पंजीकरण हुए हैं।
महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की गई है।
‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ है इस वर्ष की थीम
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) रखा गया है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और सक्रिय जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है।
आयुष मंत्रालय ने अधिक से अधिक संस्थानों और समुदायों से इस अभियान से जुड़ने और योग संगम कार्यक्रमों का हिस्सा बनने की अपील की है।