नई दिल्लीः देश में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मोबिलिटी प्लेटफॉर्म रैपिडो ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ मिलकर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। यह पहल सरकार की ‘राहवीर योजना’ के तहत की गई है, जिसका लक्ष्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को शुरुआती ‘गोल्डन आवर’ में तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है।
इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और रैपिडो के सह-संस्थापक अरविंद सांका की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
4 लाख कैप्टन ने लिया संकल्प, बना विश्व रिकॉर्ड
रैपिडो के अनुसार, अभियान के दौरान उसके 4,00,000 से अधिक कैप्टन और यूजर्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘राहवीर संकल्प’ लिया। इस अभूतपूर्व भागीदारी के चलते कंपनी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। कंपनी ने इसे अपने नेटवर्क की ताकत और डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यापक पहुंच का प्रमाण बताया।
‘राहवीर योजना’ का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे, यानी गोल्डन आवर, में घायल व्यक्ति को तुरंत सहायता दिलाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय पर मिली मदद से जीवन बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। सरकार इस पहल के जरिए लोगों को बिना झिझक दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने को प्रेरित कर रही है।
गडकरी बोले-सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने रैपिडो की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने अपने नेटवर्क के जरिए इस संदेश को देशभर में प्रभावी ढंग से पहुंचाया है।
रैपिडो ने घोषणा की है कि वह इस अभियान को देश के 400 से अधिक शहरों में आगे बढ़ाएगा। इसके लिए डिजिटल जागरूकता, इन-ऐप शिक्षा, सोशल मीडिया कैंपेन और जमीनी स्तर पर कार्यक्रम चलाए जाएंगे। कंपनी का उद्देश्य यात्रियों, कैप्टनों और आम नागरिकों तक लगातार सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है।
कैप्टन नेटवर्क बना जागरूकता का माध्यम
रैपिडो का कहना है कि उसके कैप्टन रोजाना लाखों यात्रियों से जुड़े रहते हैं, जिससे यह नेटवर्क सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कंपनी का मानना है कि तकनीक और मानव संपर्क के संयोजन से बड़े सामाजिक बदलाव संभव हैं।
2015 में स्थापित रैपिडो बाइक टैक्सी, ऑटो, कैब और डिलीवरी सेवाओं के जरिए 400 से अधिक शहरों में कार्यरत है। कंपनी का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म 90 लाख से अधिक लोगों की आजीविका से जुड़ा है।
अब कंपनी सामाजिक अभियानों में भी अपनी भूमिका को विस्तार दे रही है, जिससे सड़क सुरक्षा जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर जनभागीदारी बढ़ सके।