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ईरान का बड़ा बयान- परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे, लेकिन यूरेनियम संवर्धन का अधिकार नहीं छोड़ेंगे

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने लिखित आश्वासन देने की बात कही, लेकिन यूरेनियम एनरिचमेंट पर अड़ा ईरान।

वाशिंगटन डीसी : परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा बयान दिया है। ईरान ने कहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और जरूरत पड़ने पर इसका लिखित आश्वासन देने के लिए भी तैयार है। हालांकि तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अपने अधिकार को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ेगा।

मध्य पूर्व में तनाव और कई अधूरे मुद्दों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों के साथ मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा कतर भी शामिल हुआ। बैठक का उद्देश्य युद्धविराम, आर्थिक प्रतिबंधों और अन्य विवादित मुद्दों पर समाधान तलाशना है।

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दुनिया की नजर जिस होरमुज जलडमरूमध्य पर टिकी है, वहां से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। तेहरान का आरोप है कि समझौते की प्रमुख शर्तों का पालन अमेरिका की ओर से नहीं किया जा रहा है।

इसी बीच इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष के कारण लेबनान में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर अमेरिका, ईरान और कतर के प्रतिनिधियों ने स्विट्जरलैंड में बातचीत की।

लेबनान में युद्धविराम और ईरानी संपत्ति पर चर्चा

ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी की रिपोर्ट के अनुसार इस त्रिपक्षीय वार्ता में मुख्य रूप से लेबनान में तत्काल युद्धविराम लागू करने और विदेशों में फंसी ईरान की करीब 600 करोड़ डॉलर की संपत्ति को मुक्त कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि समझौते में लेबनान का मुद्दा शामिल होने को लेकर इजरायल ने आपत्ति जताई है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि समझौते की पहली शर्त सभी मोर्चों पर युद्धविराम लागू करना है। उन्होंने कहा कि अगर इस शर्त का उल्लंघन होता है तो तेहरान पूरे समझौते को रद्द मान सकता है।

इस्माइल बघाई ने दावा किया कि अमेरिका को तुरंत इजरायल पर दबाव डालना चाहिए और लेबनान में जारी संघर्ष को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।

परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान, लेकिन संवर्धन जारी रखेगा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि उनका देश परमाणु बम बनाने की इच्छा नहीं रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इसके लिए लिखित प्रतिबद्धता देने को तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यूरेनियम संवर्धन का अधिकार ईरान किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा।

ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के साथ हुए समझौते की सभी शर्तें ईरान के हित में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौते के तहत विदेशों में रोकी गई ईरान की करीब 600 करोड़ डॉलर की संपत्ति जल्द ही तेहरान को वापस मिल जाएगी।

अब पूरी दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान-कतर की इस त्रिपक्षीय बैठक पर टिकी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों देश अपने मतभेदों को दूर कर किसी साझा समाधान तक पहुंच पाएंगे? साथ ही, क्या इजरायल अमेरिका की ओर से रखी जाने वाली शर्तों को स्वीकार करेगा, यह भी देखने वाली बात होगी।

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