लंदन: ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी नेता कीर स्टारमर पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है, जबकि ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर और पूर्व कैबिनेट मंत्री एंडी बर्नहैम को संभावित नए प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड उपचुनाव में बर्नहैम की निर्णायक जीत ने उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।
मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहैम ने निगेल फराज की पार्टी रिफॉर्म यूके से जुड़ी दक्षिणपंथी चुनौती को पराजित करते हुए जीत दर्ज की थी। इसके बाद लेबर पार्टी के भीतर उनके समर्थन में आवाजें तेज हो गई हैं और उन्हें पार्टी नेतृत्व सौंपने की मांग बढ़ने लगी है।
नेतृत्व छोड़ने से इनकार कर रहे हैं कीर स्टारमर
हालांकि कीर स्टारमर ने फिलहाल किसी भी नेतृत्व चुनौती के सामने झुकने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले हुए आम चुनाव में उन्हें देश की सेवा के लिए बड़ा जनादेश मिला था और वर्तमान समय में नेतृत्व परिवर्तन देश के हित में नहीं होगा।
स्टारमर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस समय कोई नेतृत्व चुनाव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश को राजनीतिक अराजकता में धकेलना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एंडी बर्नहैम की जीत लेबर पार्टी के लिए सकारात्मक है क्योंकि वह पार्टी की एक बड़ी संपत्ति हैं और इस समय सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए। स्टारमर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में नेतृत्व चुनाव होता है तो वह मैदान से हटेंगे नहीं बल्कि मुकाबला करेंगे।
पार्टी के भीतर बढ़ रही असंतोष की आवाजें
प्रधानमंत्री की सार्वजनिक दृढ़ता के बावजूद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एंडी बर्नहैम अपने संभावित नेतृत्व को ध्यान में रखते हुए भविष्य की टीम और कैबिनेट की रूपरेखा पर भी विचार कर रहे हैं। ब्रिटिश समाचारपत्र ‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक लेबर पार्टी के लगभग 300 सांसद बर्नहैम के नेतृत्व के पक्ष में आते दिखाई दे रहे हैं। इससे स्टारमर की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
स्टारमर के भविष्य को लेकर अटकलें तेज
व्यापार और वाणिज्य सचिव पीटर काइल ने कहा कि स्टारमर सप्ताहांत के दौरान लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन साथ ही वे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, चुनौतियों और अवसरों पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई संभावित परिदृश्य सामने आ सकते हैं। यदि स्टारमर इस्तीफा देने का फैसला करते हैं तो वह संक्रमण काल के दौरान प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं और नए पार्टी नेता के चयन के बाद पद छोड़ सकते हैं। दूसरी संभावना यह है कि वह तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दें और तब तक कैबिनेट का कोई वरिष्ठ सदस्य कार्यवाहक प्रधानमंत्री की भूमिका निभाए, जब तक कि नया नेता नहीं चुन लिया जाता।
नेतृत्व की दौड़ में और भी नाम
रिपोर्टों के अनुसार एंडी बर्नहैम के अलावा पूर्व स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग भी नेतृत्व की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। लेबर पार्टी के नियमों के मुताबिक नेतृत्व चुनाव में उतरने के लिए किसी उम्मीदवार को पार्टी सांसदों के कम से कम 20 प्रतिशत समर्थन की आवश्यकता होगी। इसके अलावा उसे या तो निर्वाचन क्षेत्र की 5 प्रतिशत लेबर इकाइयों अथवा कम से कम तीन संबद्ध संगठनों या ट्रेड यूनियनों का समर्थन भी प्राप्त करना होगा।
10 वर्षों में सातवें प्रधानमंत्री की संभावना
यदि कीर स्टारमर पद छोड़ते हैं तो ब्रिटेन को पिछले 10 वर्षों में सातवां प्रधानमंत्री मिल सकता है। इससे पहले कंजर्वेटिव सरकार के दौरान भी नेतृत्व में लगातार बदलाव देखने को मिले थे। राजनीतिक अस्थिरता की यह स्थिति उस समय सामने आई है जब जुलाई 2024 के आम चुनाव में स्टारमर ने 174 सीटों के बड़े बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
विवादों से घिरा रहा स्टारमर का कार्यकाल
हाल के महीनों में स्टारमर सरकार कई विवादों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रही है। इनमें पूर्व लेबर नेता पीटर मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करना भी शामिल है। मेंडेलसन का नाम दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रहा था। इसके अलावा कराधान और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़े कुछ फैसलों तथा बाद में उनमें किए गए बदलावों ने भी सरकार की लोकप्रियता को प्रभावित किया है।
एंडी बर्नहैम ने रखा नया राजनीतिक एजेंडा
पूर्व कैबिनेट मंत्री एंडी बर्नहैम, जिन्होंने बाद में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में पहचान बनाई, सोमवार को फिर संसद पहुंचेंगे। उपचुनाव में जीत के बाद उन्होंने कहा कि यह लेबर पार्टी के लिए बदलाव का आखिरी अवसर है। उन्होंने ब्रिटेन के लिए एक नया रास्ता पेश करने का संकल्प जताते हुए कहा कि तथाकथित "ट्रिकल-डाउन इकोनॉमिक्स" मॉडल आम लोगों तक लाभ पहुंचाने में विफल रहा है। बर्नहैम ने कहा कि लोगों के जीवन को अधिक किफायती बनाने के लिए पानी के बिल, ऊर्जा शुल्क और रेल किराए कम किए जाने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ग्रेटर मैनचेस्टर में बस किराए कम करके ऐसा उदाहरण पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है।