अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता तो हो चुका है। समझौते के दस्तावेजों पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर भी कर दिया है। लेकिन तेहरान का आरोप है कि शांति समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।
ईरान का आरोप है कि इस समझौते के बावजूद इजरायल लेबनान पर अपने हमले जारी रख रहा है। इस वजह से एक बार फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा ईरानी सेना की ओर से किया जा रहा है।
इस वजह से स्वीट्जरलैंड के जिनेवा में दोनों देशों की बैठक तो होने वाली थी लेकिन अब उसपर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे। कुछ समय पहले तक दोनों देशों के बीच बातचीत होने पर अनिश्चितता बने रहने के बाद अब मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान का दावा है कि रविवार को ही दोनों देशों की बैठक हो सकती है।
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बताया जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ पहले ही स्वीट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। साथ ही ईरान की राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी ईरना (IRNA) की ओर से दावा किया गया है कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी शनिवार (20 जून) को रवाना हो चुका है।
बताया जाता है कि इस बैठक में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी मौजूद रहने की संभावना जतायी जा रही है।
शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गयी जिसमें दावा किया गया कि प्राथमिक समझौते के दस्तावेजों पर दस्तखत के बाद अब 21 जून (रविवार) को ईरान और अमेरिका बैठक करने वाला है।
ब्लूमबर्ग से मिली जानकारी के अनुसार इस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि इस बैठक में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। इस बैठक में अमेरिका का वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के शामिल होने की भी बात थी लेकिन आखिरी पलों में उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया है।
फ्रांस में अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर दस्तखत करते डोनाल्ड ट्रंप :-
Le Pr©sident Trump a sign© ce soir  Versailles laccord entre lIran et les tats-Unis.
” Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) June 18, 2026
Cet accord ouvre la voie  une paix durable et permet la r©ouverture du d©troit dOrmuz.
Cest un pas important dans la bonne direction pour nos compatriotes pic.twitter.com/b1XgZrBv0m
हालांकि एक्सियोस न्यूज की ओर से X हैंडल पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि स्वीट्जरलैंड में होने वाली बैठक में जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस में ही ईरान और अमेरिका के बीच प्रारंभिक समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
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इसका वीडियो भी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने X हैंडल पर शेयर किया था। इस समझौते पर अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ-साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी हस्ताक्षर किए थे। तय हुआ था कि इस समझौता ज्ञापन के बाद अगले 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत जारी रहेगी।
इसके तहत स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों को हटाने और समझौते को लागू करने की प्रक्रिया पर दोनों पक्ष निर्णय लेंगे। शांति समझौते की शुरुआत से ही ईरान ने यह मांग की थी कि लेबनान में इजराइल को हमले बंद करने होंगे।
लेकिन समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी लेबनान में फिर से इजराइली हमले हुए। बताया जाता है कि शनिवार की रात को इजराइली सेना ने दक्षिण लेबनान के नबातिये शहर में लड़ाकू विमानों और ड्रोन के जरिए हमला किया। बेरूत के अनुसार इस हमले में 5 लोगों की मौत हो गयी है। इसके बाद ही ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की बात कही। हालांकि अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट का दावा है कि यह जलमार्ग अभी भी खुला है।