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BHEL और कोल इंडिया ओडिशा में लगाएंगे 25,000 करोड़ रुपये, कोयला गैसीकरण परियोजना से खुलेंगे नए औद्योगिक रास्ते

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी बोले- उर्वरक उत्पादन और रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा। केंद्र ने कोयला गैसीकरण के लिए 46,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया।

By श्वेता सिंह

Jun 20, 2026 19:31 IST

झारसुगुड़ाः ओडिशा के कोयला क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा करते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) संयुक्त रूप से 25,000 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे कोयले के पारंपरिक उपयोग से आगे बढ़कर औद्योगिक विकास का नया अध्याय बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उनके अनुसार, अब कोयले का उपयोग केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे कई नए औद्योगिक क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा।

जी. किशन रेड्डी ने कहा कि बीएचईएल और कोल इंडिया इस महत्वाकांक्षी परियोजना में संयुक्त रूप से 25,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। यह निवेश राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

उन्होंने बताया कि कोयला गैसीकरण परियोजना के माध्यम से उर्वरक उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ आयातित कच्चे माल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि यह पहल ओडिशा की अर्थव्यवस्था और स्थानीय लोगों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार देशभर में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र की ओर से 46,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य कोयले के उपयोग को अधिक विविधतापूर्ण और मूल्यवर्धित बनाना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कोयला गैसीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोयले को सिंथेसिस गैस या 'सिंगैस' में परिवर्तित किया जाता है। इस गैस का उपयोग उर्वरक, रसायन, सिंथेटिक ईंधन और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जा सकता है। इससे देश के विशाल कोयला भंडार का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो सकेगा।

सरकार का मानना है कि कोयला गैसीकरण तकनीक घरेलू संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के साथ-साथ प्रमुख उद्योगों में आयात पर निर्भरता कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यही वजह है कि केंद्र इस क्षेत्र में निवेश और नई परियोजनाओं को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।

ओडिशा में प्रस्तावित यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और ऊर्जा संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। साथ ही, इससे कोयला आधारित उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

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