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2006 डबल मर्डर केस में नया मोड़, पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में बरी आरोपियों के खिलाफ सीबीआई जाएगी हाईकोर्ट

सीबीआई अदालत ने सबूतों के अभाव में नौ आरोपियों को किया था बरी।

By शिखा सिंह

Jun 20, 2026 17:01 IST

मुंबई : महाराष्ट्र के चर्चित पवनराजे निंबालकर दोहरे हत्याकांड मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करेगी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में अपील दायर करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई को निर्देश दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि अमित शाह ने सीबीआई को हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने और मामले की पैरवी करने के निर्देश दिए हैं।

फैसले पर दुख जताते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर घटना थी। उन्होंने कहा कि पवनराजे निंबालकर और दो अन्य लोगों की दिनदहाड़े हत्या की गई थी और परिवार समेत कई लोगों को उम्मीद थी कि आरोपियों को सजा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पवनराजे निंबालकर के परिवार और अन्य लोगों को विश्वास था कि इस मामले में दोषियों को सजा दी जाएगी, लेकिन दुर्भाग्य से सीबीआई अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया।

इससे पहले शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने वर्ष 2006 के पवनराजे निंबालकर दोहरे हत्याकांड मामले में सभी नौ आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत ने सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद यह फैसला सुनाया।

इस मामले में तत्कालीन कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की हत्या हुई थी। दोनों की हत्या जून 2006 में नवी मुंबई के कलंबोली इलाके में की गई थी। इसके बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई थी और कई वर्षों तक यह मामला अदालत में चलता रहा।

बरी किए गए आरोपियों में पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता पद्मसिंह पाटील भी शामिल थे, जिन्हें इस मामले के प्रमुख आरोपियों में गिना जाता था। हत्या के इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

अदालत में दलीलें पूरी होने और सबूतों की जांच के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर भी परिवार के सदस्यों के साथ अदालत में मौजूद थे।

पवनराजे निंबालकर, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर के पिता थे। ओमराजे निंबालकर उन छह शिवसेना (यूबीटी) सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी से अलग रुख अपनाया है। ऐसी अटकलें हैं कि ये नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

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