सिएटल (अमेरिका) : फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-डी मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ 0-2 की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच टोनी पोपोविच ने रेफरी फेलिक्स ज़्वायर के फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैच के दौरान रेफरी का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी टीम ने शुरुआती समय में कमजोर खेल दिखाया और उसी का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।
इस जीत के साथ मेजबान अमेरिका लगातार दूसरी जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण यानी राउंड ऑफ 32 में पहुंचने वाली मेक्सिको के बाद दूसरी टीम बन गई। दो मैचों में छह अंक लेकर अमेरिका ग्रुप-डी में शीर्ष पर पहुंच गया जबकि ऑस्ट्रेलिया तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है।
पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोनी पोपोविच ने कहा कि उनके अनुसार रेफरी का यह सर्वश्रेष्ठ दिन नहीं था। उनकी नाराजगी विशेष रूप से अमेरिका के दूसरे गोल को लेकर थी जो पहले ऑफसाइड करार दिया गया था। मैच के 43वें मिनट में फ्री-किक की स्थिति से एलेक्स फ्रीमैन ने हेडर के जरिए गेंद जाल में पहुंचाई। प्रारंभिक निर्णय में गोल को ऑफसाइड बताया गया लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद फैसला बदल दिया गया और गोल को मान्यता दे दी गई।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने इस फैसले का विरोध करते हुए दावा किया कि उनके गोलकीपर को बाधित किया गया था या ऑफसाइड की स्थिति थी लेकिन समीक्षा के बाद भी निर्णय बरकरार रहा और अमेरिका को हाफ टाइम से पहले महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई।
मैच के अंतिम चरण में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनाव भी देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर और अमेरिका के फोलारिन बालोगुन के बीच तीखी बहस हुई जिसके बाद रेफरी फेलिक्स ज़्वायर को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना के बाद बालोगुन, साउटर और ऑस्ट्रेलिया के जैकब इटालियानो को पीला कार्ड दिखाया गया। पूरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को चार और अमेरिका को तीन येलो कार्ड मिले।
मुकाबले के अंतिम मिनटों में एक दिलचस्प स्थिति तब बनी जब 45 वर्षीय जर्मन रेफरी फेलिक्स ज़्वायर को मैदान पर ऐंठन (क्रैम्प) की समस्या हो गई। उन्हें दोनों टीमों के खिलाड़ियों की सहायता लेनी पड़ी जिसके बाद उन्होंने दोबारा खेल शुरू कराया।
हालांकि रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाने के बावजूद पोपोविच ने माना कि उनकी टीम शुरुआती हाफ में अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी सुस्त नजर आए, अधिकांश व्यक्तिगत मुकाबलों और दूसरी गेंदों पर विपक्षी टीम हावी रही, जिससे ऑस्ट्रेलिया लय नहीं बना पाया। उनके अनुसार दूसरे हाफ में टीम ने बेहतर खेल दिखाया, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर शुरुआती गलतियों की भरपाई करना आसान नहीं होता।
ग्रुप-डी की अंकतालिका में अमेरिका छह अंकों के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है जबकि पराग्वे ने तुर्किये को 1-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया है। अब अंतिम ग्रुप मुकाबले नॉकआउट चरण की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट करेंगे।