पटना : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को बिहार की राजधानी पटना में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के तहत पूरे राज्य में ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें राजनीतिक नेताओं के साथ बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर राज्य की राजधानी में योग के प्रति व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी योगाभ्यास किया और लोगों को योग के महत्व के बारे में संदेश दिया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे योग दिवस समारोहों का हिस्सा था।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने योग के वैश्विक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज योग पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। योग एक अत्यंत सफल पहल है और जिस क्षेत्र का मैं प्रतिनिधित्व करता हूँ, वह योग का एक प्रमुख केंद्र है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने नागरिकों को योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए राज्य की शिक्षा प्रणाली में योग को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि बिहार के सभी स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों के लिए प्रतिदिन आधे घंटे का योग सत्र रखा जाए, जिसमें योग, ध्यान और योग निद्रा शामिल हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसे वैकल्पिक रखा जाएगा ताकि छात्र अपनी इच्छा से भाग ले सकें।
निशांत कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। उन्होंने कहा कि योग आज वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो रहा है और यह आध्यात्मिक रूप से भी अत्यंत लाभकारी है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना का प्रस्ताव भारत द्वारा रखा गया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र के 175 सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र के उद्घाटन भाषण के दौरान प्रस्तुत किया था।
इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को सक्रिय, स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कोलकाता में राष्ट्रीय स्तर के योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया और कॉमन योग प्रोटोकॉल में भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने जीवन के सभी पहलुओं में संतुलन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि संतुलित आहार, संतुलित कर्म और संतुलित जीवन ही स्वास्थ्य और कल्याण की आधारशिला हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक जीवन की कई समस्याएँ असंतुलित जीवनशैली के कारण उत्पन्न होती हैं, और योग इस असंतुलन को दूर कर शांति, अनुशासन और सामंजस्य का मार्ग प्रदान करता है।