बेंगलुरु: वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने रविवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष पद का औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित पार्टी के ‘संकल्प समावेश’ कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए तिरंगा ही धर्म है और संविधान उसकी पवित्र पुस्तक है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला भी बोला।
कार्यभार संभालने के बाद हरिप्रसाद ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मालाएं और शॉल भेंट करने के बजाय पार्टी को आर्थिक सहयोग दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संविधान सभी धर्मों को समान अवसर देता है, जबकि भाजपा धर्म आधारित राजनीति के माध्यम से समाज में अशांति पैदा कर रही है।
कार्यकर्ताओं को संघर्ष का संकल्प दिलाया
बीके हरिप्रसाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से समाज के वंचित और पीड़ित वर्गों के संघर्ष में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सतर्क नहीं रही तो राजनीतिक विरोधी पार्टी को कमजोर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से धर्म आधारित राजनीति को बढ़ावा न देने की अपील की।
कन्नड़ साहित्यकार कुवेम्पु का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अंधविश्वास और गरीबी को समाप्त करने के लिए काम किया है तथा कर्नाटक को सभी समुदायों के लिए एक साझा उद्यान की तरह विकसित किया है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता को फैलने नहीं दिया जाना चाहिए।
नाथूराम गोडसे और महात्मा गांधी का किया उल्लेख
अपने संबोधन में हरिप्रसाद ने नाथूराम गोडसे को महात्मा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार बताते हुए उसे भारत का पहला आतंकवादी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सार्वजनिक रूप से गोडसे को हत्यारा कहने से बचती है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि राजनीति में आने का उद्देश्य वंचितों और गरीबों के जीवन में बदलाव लाना होना चाहिए, न कि इसे आजीविका का साधन बनाना।
नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी का किया उल्लेख
बीके हरिप्रसाद ने कहा कि आरएसएस और भाजपा लंबे समय से भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की बराबरी नहीं कर सकते। उन्होंने नेहरू को आधुनिक भारत के निर्माण का प्रमुख शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें गांधी परिवार के छह सदस्यों के साथ काम करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे कांग्रेस नेताओं ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी ने सत्ता का त्याग कर मिसाल पेश की।
भाजपा पर सामाजिक योजनाओं को कमजोर करने का आरोप
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा खाद्य सुरक्षा योजना, मनरेगा और चुनावी व्यवस्था जैसी व्यवस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन, वन रिलिजन’ की सोच के तहत क्षेत्रीय दलों को भी कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्नाटक सामाजिक न्याय का एक ऐसा मॉडल है जिसे दुनिया में उदाहरण के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कांग्रेस संगठन को और मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की।
आरएसएस और भाजपा पर स्वतंत्रता आंदोलन को लेकर हमला
केपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस और भाजपा ने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं निभाई थी, लेकिन अब वे संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन अब मताधिकार को प्रभावित करने वाली परिस्थितियां पैदा की जा रही हैं।