ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) : ऑकलैड में खेले गए एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप 2025-26 के फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम ने मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर दूसरा बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने अगले सत्र के लिए एफआईएच महिला प्रो लीग में भी वापसी सुनिश्चित कर ली। पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहने वाली भारतीय टीम ने फाइनल में आक्रामक खेल और मजबूत रक्षापंक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबला अपने नाम किया।
मैच की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने की कोशिश की लेकिन भारत ने पहला बड़ा मौका बनाया। चौथे मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे नवनीत कौर ने शानदार स्ट्राइक के साथ गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दबाव बनाए रखा और न्यूजीलैंड की रक्षापंक्ति को परेशान करती रहीं।
पहले क्वार्टर के अंत तक भारत को कई पेनल्टी कॉर्नर मिले। 15वें मिनट में सुनेलिता टोप्पो ने दीपिका के प्रयास को डिफ्लेक्ट करते हुए गेंद को गोल में पहुंचाया और भारत की बढ़त 2-0 कर दी। यह गोल न्यूजीलैंड के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
दूसरे क्वार्टर में न्यूजीलैंड ने वापसी की कोशिश की और कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उन्हें कोई स्पष्ट अवसर नहीं दिया। दूसरी ओर भारत को भी बढ़त बढ़ाने के मौके मिले, हालांकि कोई अतिरिक्त गोल नहीं हो सका। पहले हाफ की समाप्ति तक भारत 2-0 से आगे रहा।
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अनुशासित और सशक्त रक्षात्मक खेल दिखाया। न्यूजीलैंड की टीम गोल करने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें सफलता नहीं मिलने दी। इसी दौरान नवनीत कौर का एक रिवर्स हिट गोलकीपर ने रोक दिया।
अंतिम क्वार्टर में न्यूजीलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता ने शानदार बचाव करते हुए टीम की बढ़त बरकरार रखी। मैच के अंतिम मिनटों तक भारतीय टीम ने मजबूत डिफेंस और बेहतर तालमेल के दम पर न्यूजीलैंड को कोई मौका नहीं दिया और 2-0 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया।
टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने पूल चरण में अमेरिका को 3-2, जापान को 2-1 और उरुग्वे को 3-2 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में लालरेमसियामी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि दीपिका छह गोल के साथ संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। टीम की उपलब्धि को सम्मानित करते हुए हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये तथा सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये देने की घोषणा की।