कैनसस सिटी ( अमेरिका ) : फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-ई में अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही कुराकाओ की टीम ने बड़ा उलटफेर करते हुए इक्वाडोर को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। कैनसस सिटी में खेले गए इस मुकाबले में कुराकाओ के गोलकीपर एलॉय रूम ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को विश्व कप इतिहास का पहला अंक दिलाया। इस परिणाम ने जहां कुराकाओ के लिए नया इतिहास रच दिया वहीं नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे इक्वाडोर के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मुकाबले में इक्वाडोर का दबदबा शुरू से अंत तक दिखाई दिया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और कई बेहतरीन अवसर भी बनाए लेकिन हर बार एलॉय रूम उनके सामने दीवार बनकर खड़े रहे। उनकी शानदार गोलकीपिंग की बदौलत कुराकाओ न केवल हार से बचा बल्कि विश्व कप फाइनल्स में पहली बार क्लीन शीट दर्ज करने में भी सफल रहा।
मैच के शुरुआती तीन मिनट में ही इक्वाडोर के कप्तान एन्नेर वेलेंसिया लंबी गेंद पर तेजी से आगे बढ़े, लेकिन रूम ने शानदार बचाव कर संभावित गोल टाल दिया। इसके बाद जॉन येबोआह, पेड्रो वीटे, गोंजालो प्लाटा और वेलेंसिया ने लगातार गोल करने की कोशिश की मगर कुराकाओ के गोलकीपर ने सभी प्रयास विफल कर दिए।
पहले हाफ में कुराकाओ की ओर से आक्रमण के अवसर बेहद कम रहे। शेरेल फ्लोरानुस ने एक प्रयास किया जो लक्ष्य से बाहर चला गया। दूसरी ओर इक्वाडोर के गोलकीपर हर्नान गालिंदेज़ को पहले हाफ में केवल एक सामान्य बचाव करना पड़ा जब उन्होंने लिवानो कोमेनेंसिया के शॉट को रोका।
दूसरे हाफ में भी खेल का स्वरूप लगभग वैसा ही रहा। मोइसेस कैइसेडो ने दूर से शॉट लगाया, जबकि गोंजालो प्लाटा के शॉट और हेडर को भी रूम ने शानदार ढंग से बचाया। हालांकि लगातार दबाव झेलने के बावजूद कुराकाओ ने जवाबी हमलों में खतरा पैदा किया। एक मौके पर गालिंदेज़ ने लिएंड्रो बाकुना और कोमेनेंसिया के प्रयासों को रोकते हुए अपनी टीम को पीछे होने से बचाया।
मैच के अंतिम चरण में इक्वाडोर ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। केविन रोड्रिगेज, निल्सन अंगुलो और एंजेलो प्रेसियाडो ने गोल के कई प्रयास किए। प्रेसियाडो का एक क्रॉस तो क्रॉसबार से भी टकराया लेकिन गेंद जाल में नहीं पहुंच सकी। आखिरकार निर्धारित समय समाप्त होने पर मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ।
इस परिणाम के बाद इक्वाडोर लगातार चौथे विश्व कप मैच में जीत दर्ज करने में विफल रहा और अब उसे अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में मजबूत टीम जर्मनी का सामना करना होगा। दूसरी ओर कुराकाओ के लिए यह ड्रॉ ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुआ क्योंकि टीम ने विश्व कप फाइनल्स में अपना पहला अंक और पहली क्लीन शीट हासिल की।