कैलिफोर्निया ( अमेरिका ) : फीफा विश्व कप 2026 के दौरान ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की यात्रा व्यवस्था को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिका ने संकेत दिया है कि बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मुकाबले के बाद मौजूदा प्रबंधों की समीक्षा की जाएगी। हालांकि फिलहाल ईरानी टीम को प्रत्येक मैच के बाद अपने प्रशिक्षण शिविर तिजुआना (मैक्सिको) लौटने की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह जानकारी व्हाइट हाउस टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू जूलियानी ने दी।
ईरान की टीम ने अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों पर असंतोष जताया है। वर्तमान नियमों के तहत टीम को मैच शुरू होने से केवल 24 घंटे पहले ही मेजबान शहर में पहुंचने की अनुमति मिलती है और मुकाबला समाप्त होते ही वापस लौटना पड़ता है। इन परिस्थितियों को लेकर ईरान के मुख्य कोच अमीर घालेनोई ने हाल ही में कहा था कि उनकी टीम पूरे विश्व कप की सबसे अधिक पीड़ित टीम है।
शुक्रवार को ईरान फुटबॉल महासंघ ने फीफा के समक्ष औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी। महासंघ का आरोप है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ग्रुप-जी के मुकाबले में बेल्जियम से भिड़ने के लिए टीम को दो दिन पहले लॉस एंजिलिस जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया।
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए एंड्रयू जूलियानी ने कहा कि बेल्जियम के खिलाफ रविवार को होने वाले मैच के बाद ईरान की तीसरी ग्रुप मुकाबले की यात्रा व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी। ईरान को अपना अंतिम ग्रुप मैच सिएटल में मिस्र के खिलाफ खेलना है। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार बदल रही है और आगे की रणनीति मैच के बाद तय की जाएगी।
जूलियानी के अनुसार फिलहाल योजना यह है कि बेल्जियम के खिलाफ मैच समाप्त होने के बाद ईरानी टीम 27 मिनट की उड़ान से वापस तिजुआना लौटेगी। उन्होंने कहा कि दूसरे मैच के बाद अधिकारियों के बीच फिर से बैठक होगी और तीसरे मैच के लिए आवश्यक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम के बेस कैंप को एरिजोना के टक्सन से मैक्सिको के तिजुआना स्थानांतरित करना सभी पक्षों के लिए बेहतर निर्णय साबित हुआ है। उनके अनुसार इससे लॉस एंजिलिस तक की यात्रा का समय कम हुआ है और खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव भी घटा है।
वीजा से जुड़े मुद्दे पर जूलियानी ने बताया कि सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति मिल चुकी है। हालांकि कुछ टीम अधिकारियों को वीजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्तियों के बारे में प्राप्त कुछ प्रतिकूल जानकारियों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों, दर्शकों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और फिलहाल टूर्नामेंट को लेकर किसी भी प्रकार का विश्वसनीय सुरक्षा खतरा सामने नहीं आया है।
ग्रुप-जी की स्थिति भी बेहद रोचक बनी हुई है। ईरान ने अपने पहले मुकाबले में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था। अब उसका सामना बेल्जियम से होगा, जबकि अंतिम ग्रुप मैच में वह मिस्र से भिड़ेगा। शुरुआती दौर के बाद ग्रुप की चारों टीमें- ईरान, न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र - एक-एक अंक के साथ बराबरी पर हैं हालांकि बेहतर गोल अंतर के आधार पर न्यूजीलैंड शीर्ष स्थान पर है।