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'40 की उम्र में 20 से ज्यादा फिट बनिए', योग दिवस पर PM मोदी का खास संदेश, कोलकाता से दुनिया को दिखाया रास्ता

पीएम मोदी ने कहा कि आज 21 जून दुनिया के सबसे बड़े उत्सवों में से एक बन चुका है। योग दिवस के अवसर पर कोलकाता आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।

By Moumita Bhattacharya

Jun 21, 2026 10:45 IST

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देश और दुनिया भर के लोगों को विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है। यह लोगों को जोड़ने की शक्ति और मानवता की एकता का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आध्यात्मिक परंपरा, बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और दुनिया भर में योग के बढ़ते महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि योग आज पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और शांति का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने बेहतर और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग को एक प्रभावी मंत्र बताया।

कोलकाता आकर सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं

कोलकाता में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय मुख्य समारोह में शामिल होते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21 जून को पृथ्वी के एक हिस्से में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। लेकिन योग दिवस के रूप में मान्यता मिलने के बाद इसका महत्व और भी बढ़ गया है।

योग सभी को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि आज 21 जून दुनिया के सबसे बड़े उत्सवों में से एक बन चुका है। योग दिवस के अवसर पर कोलकाता आकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया आज संघर्ष, अनिश्चितता और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में योग व्यक्ति के भीतर संतुलन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करने की शक्ति रखता है। उन्होंने आगे कहा कि योग हमारी चेतना को जागृत करता है और एक बेहतर तथा अधिक विकसित भविष्य के निर्माण में सहायता करता है।

बता दें, इस साल पहली बार पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रेड रोड पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 35,000 आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।

प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोलकाता के लोगों ने स्वच्छता और अनुशासन के साथ हमारा स्वागत किया है। इसके लिए नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन में काफी मेहनत करनी पड़ी होगी। यह पहल और उत्साह वास्तव में प्रशंसनीय है।

बंगाल, योग और अध्यात्म का गहरा संबंध

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में योग दिवस मनाने के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि बंगाल का योग और अध्यात्म के साथ गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। श्री अरविंद, स्वामी विवेकानंद और श्री श्री रामकृष्ण की भूमि है पश्चिम बंगाल। इसलिए यहां योग दिवस का आयोजन और भी महत्वपूर्ण है। इस पवित्र बंगाल की धरती पर रामकृष्ण परमहंस जैसे साधक पैदा हुए थे।

स्वामी विवेकानंद ने यहीं से दुनिया के सामने योग की भावना को पहुंचाया था। महर्षि अरविंद कहा करते थे कि मेरा पूरा जीवन ही योग है। योग वास्तव में मानव चेतना से जुड़ा हुआ है। लाहिड़ी महाशय जैसे महान योगसाधक ने योग की परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। आज उसी भूमि पर सामूहिक रूप से योगाभ्यास करना एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभूति है।

योग दिवस के इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज ऐसा महसूस हो रहा है कि केवल देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व एक सूत्र में बंध गया है। यही योग की शक्ति है। योग सभी को जोड़ता है, सभी को एकजुट करता है।

सिर्फ बुजुर्गों नहीं बल्कि हर आयु वर्ग के लिए है योग

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था' रखा गया है। इस बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग केवल बुजुर्गों के लिए नहीं बल्कि सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए है। योग व्यक्ति को जीवनभर अपने शरीर और मन को समझना सिखाता है।

देश के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को दिए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि योग के लाभ हर आयु के लोगों के लिए उपलब्ध हैं। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि 40 वर्ष की आयु में हम 20 वर्ष की आयु की तुलना में अधिक लचीले हों। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि 50 वर्ष की आयु में हम 30 वर्ष की आयु की तुलना में अधिक ऊर्जावान हों।

योग हमारे शरीर को लचीला बनाने में सहायता करता है। यह हमें शांत और तनावमुक्त जीवन बनाए रखने में भी मदद करता है। इससे जीवनशैली में संतुलन आता है। इसी कारण स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग के इस विषय को केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए। योग को किसी एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे हमें अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लेना चाहिए।

इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने श्रीमद्भगवद्गीता में श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेशों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण के साथ-साथ अधिक शांतिपूर्ण तथा बेहतर भविष्य के निर्माण में भी योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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