बर्गेनस्टॉकः मध्य पूर्व में बढ़े तनाव और वैश्विक व्यापारिक मार्गों को लेकर चिंताओं के बीच ईरान और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के लिए एक प्रत्यक्ष संचार तंत्र स्थापित करने पर सहमति बनाई है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में आयोजित उच्चस्तरीय वार्ता के पहले दौर के बाद दोनों पक्षों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि बातचीत रचनात्मक माहौल में हुई और कई मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई।
60 दिनों में अंतिम समझौते का लक्ष्य
स्विट्जरलैंड की ल्यूसर्न झील के किनारे आयोजित शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि 14 बिंदुओं वाले समझौता ज्ञापन (एमओयू) के आधार पर आगे की बातचीत जारी रहेगी। दोनों पक्षों ने अगले 60 दिनों के भीतर एक व्यापक और अंतिम समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से रोडमैप तैयार किया है। इसी अवधि के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक विशेष संचार लाइन सक्रिय रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना, टकराव या गलतफहमी को रोका जा सके और व्यापारिक जहाजों का आवागमन सुरक्षित रूप से जारी रह सके।
व्यापारिक जहाजों को बिना शुल्क मिलेगा मार्ग
समझौता ज्ञापन के पांचवें प्रावधान के अनुसार, दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान 60 दिनों तक अपनी पूरी क्षमता के साथ यह सुनिश्चित करेगा कि फारस की खाड़ी से ओमान सागर और ओमान सागर से फारस की खाड़ी जाने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए। इस अवधि के दौरान किसी भी जहाज से पारगमन शुल्क नहीं लिया जाएगा। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक में वाणिज्यिक गतिविधियों के पुनः सक्रिय होने का रास्ता खुल सकता है।
समुद्री बाधाएं हटाने और बारूदी सुरंगें साफ करने की योजना
समझौते में समुद्री सुरक्षा से जुड़े तकनीकी और सैन्य अवरोधों को हटाने पर भी जोर दिया गया है। इसके अनुसार ईरान अगले 30 दिनों के भीतर नौवहन में बाधा बनने वाले अवरोधों को दूर करने तथा बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के लिए इन कदमों को आवश्यक माना गया है।
भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर ओमान से बातचीत करेगा ईरान
अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए समझौता ज्ञापन में दीर्घकालिक समाधान का भी उल्लेख किया गया है। इसके तहत ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं की रूपरेखा तय करने के लिए ओमान सल्तनत के साथ बातचीत करेगा। इस प्रक्रिया में फारस की खाड़ी के अन्य तटीय देशों को भी शामिल किया जाएगा। दस्तावेज में कहा गया है कि भविष्य की किसी भी व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय कानून और तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
समझौते के बावजूद जलडमरूमध्य बंद होने का दावा
हालांकि कूटनीतिक स्तर पर प्रगति की खबरों के बीच ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी ने रविवार को सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना फिलहाल किसी भी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दे रही है और अगले आदेश तक कोई नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
इजराइल और अमेरिका को लेकर ईरानी पक्ष का दावा
फार्स न्यूज एजेंसी ने यह भी कहा कि यह निर्णय लेबनान में इजराइल के जारी सैन्य अभियानों और युद्ध समाप्ति संबंधी समझौते को लागू करने में अमेरिका की कथित विफलता के जवाब में उठाया गया पहला कदम है। क्षेत्रीय घटनाक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी के बीच बढ़ी कूटनीतिक गतिविधियां
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर सकता है। ट्रंप की इस टिप्पणी के बावजूद स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता से यह संकेत मिला है कि दोनों पक्ष तनाव कम करने और समुद्री व्यापार को सामान्य बनाने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।