कोलकाता: अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के कोलकाता दौरे से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया। सोमवार को बिधाननगर दक्षिण थाने के बाहर उस समय अलग ही नजारा देखने को मिला, जब कई फुटबॉल प्रेमी हाथों में जूतों की माला लेकर पूर्व पश्चिम बंगाल खेल मंत्री अरूप विश्वास का इंतजार करते नजर आए।
अरूप विश्वास मेस्सी के कार्यक्रम से जुड़े आरोपों के सिलसिले में पूछताछ के लिए थाने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि मेस्सी के कोलकाता दौरे के दौरान जो घटनाएं हुईं, उससे फुटबॉल प्रेमियों की भावनाएं आहत हुईं और शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचा।
प्रदर्शन में शामिल बिधाननगर निवासी संजय ने आरोप लगाया कि मेस्सी के कार्यक्रम को लेकर प्रशंसकों में भारी उत्साह था, लेकिन आयोजन के दौरान पैदा हुए विवादों ने पूरे अनुभव को फीका कर दिया। उन्होंने कहा कि हजारों लोग मेस्सी को देखने पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम के बाद चर्चा फुटबॉल की जगह दूसरी बातों को लेकर होने लगी।
विवाद की जड़ 13 दिसंबर 2025 को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित कार्यक्रम से जुड़ी है। उस दौरान सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास मेस्सी के बेहद करीब दिखाई दिए थे। इसे लेकर व्यापक बहस छिड़ गई थी।
मामला तब और गंभीर हो गया जब कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शतद्रु दत्ता ने अरूप विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में प्रभाव का दुरुपयोग, दबाव बनाने, आपराधिक धमकी देने और कार्यक्रम से जुड़े मानार्थ टिकटों, एक्रेडिटेशन कार्डों तथा विशेष प्रवेश पासों के कथित दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में कॉम्प्लिमेंट्री टिकट और विशेष पासों की मांग की गई थी। आयोजक ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के संचालन को लेकर उन पर लगातार दबाव बनाया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इसी क्रम में अरूप विश्वास से पूछताछ की गई। दूसरी ओर, फुटबॉल प्रेमियों का विरोध प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि मेस्सी के कोलकाता दौरे को लेकर पैदा हुआ विवाद अब भी लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बना हुआ है।