प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार, 14 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड में सभा को संबोधित करने वाले हैं। यहां वह लगभग ₹18,680 करोड़ की कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और इसके साथ ही कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आगामी विधानसभा चुनावों की घोषणा से ठीक पहले नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे की वजह से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गयी है।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया है उसमें सड़क परिवहन की व्यवस्था को बेहतर बनाना शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कौन-कौन सी परियोजनाओं का किया उद्घाटन?
1. 19 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानागढ़ से पालसिट तक 6 लेन की सड़क। इसकी लंबाई 68 किलोमीटर होगी। इस परियोजना में ₹2450 खर्च होगा।
2. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्य 114 पर भेदिया में 4 लेन की सड़क का निर्माण। खर्च ₹195 करोड़।
3. हल्दिया में डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 का यंत्रीकरण। परियोजना का खर्च ₹298 करोड़।
4. राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर बारखावा अड्डा से पानागढ़ तक 6 लेन चौड़ी सड़क। इसकी लंबाई करीब 115 किलोमीटर होगी। परियोजना का खर्च ₹3233 करोड़।
5. इच्छामति नदी पर स्वरुपनगर में ब्रिज का निर्माण। परियोजना का खर्च ₹16 करोड़।
6. अमृत भारत स्टेशन परियोजना के तहत पश्चिम बंगाल के 6 रेलवे स्टेशनों के सुन्दरीकरण का उद्घाटन। स्टेशन हैं - अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम, सिउड़ी, कामाख्यागुड़ी। इसके साथ ही पुरुलिया-आनंदविहार टर्मिनल (दिल्ली) एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
इन परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ शिलावती नदी पर, कंसावती नदी पर नए ब्रिज, हावड़ा ब्रिज पाइलन से निमतला घाट तक तट सुरक्षा का काम, दुबराजपुर बाईपास निर्माण समेत अन्य कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खड़गपुर–मोरग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से बंगाल के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। केन्द्र सरकार पश्चिम बंगाल में रेल अवसंरचना के तेजी से विस्तार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आज कलाइकुंडा और कनिमहुली सेक्शन में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम देश को समर्पित किया गया है। इससे व्यस्त रेल लाइनों की क्षमता बढ़ेगी, यात्रा अधिक सुरक्षित होगी और यात्रियों की गति तथा सुविधा भी बढ़ेगी।
कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत के व्यापार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इससे कार्गो संचालन तेज होगा, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। कोलकाता डॉक सिस्टम में बैस्कुल ब्रिज (Bascul Bridge) का नवीनीकरण किया जा रहा है। खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से पूर्वी भारत की लॉजिस्टिक प्रणाली और मजबूत होगी।