पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा किसी भी वक्त किया जा सकता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 16 मार्च को चुनाव आयोग तारीखों की घोषणा कर सकता है। हालांकि इस बीच एक खबर यह भी सामने आ रही है कि विपक्षी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है जिसपर 200 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर भी किया है। दूसरी ओर राजनैतिक पार्टियां अपनी तरफ से चुनाव की तैयारियों में जुट चुकी है।
आधी सीटों पर उम्मीदवार तय
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास और बुधवार को जेपी नड्डा के आवास पर बंगाल भाजपा के नेताओं के साथ बैठक हुई। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में से लगभग आधी सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं। सूत्रों का दावा है कि गुरुवार की रात को हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से उन लोगों को प्राथमिकता देने के लिए कहा है जिनकी छवि साफ हो। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीन नबीन भी शामिल हुए।
भाजपा ने बदली रणनीति!
पार्टी सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि भाजपा ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में अपनी रणनीति में बदलाव किया है। सूत्रों का दावा है कि इस बार पार्टी बदलने वाले दलबदलूओं और सेलिब्रिटी को अधिक महत्व नहीं दिया जाने वाला है।
पार्टी इस बार ऐसे उम्मीदवारों को मौका नेता चाहती है जो पुराने हो और पार्टी के प्रति वफादार रहे हो। बताया जाता है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे और जनता के बीच भाजपा की छवि एक ऐसी पार्टी की बने जो अपने हर पुराने नेता व आम कार्यकर्ता का सम्मान करती है।
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किसे मिल सकता है टिकट और किसका होगा पत्ता साफ?
बात अगर भाजपा उम्मीदवारों की करें तो विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में एक बात साफ कर दी गयी है कि भाजपा ने इस बार अपने पुराने विधायकों पर फिर से भरोसा करने का फैसला लिया है। दावा किया जा रहा है कि 140 सीटों पर भाजपा की केंद्रीय कमेटी की सहमती बन चुकी है। बाकी की 150 से ज्यादा सीटों पर मंथन करने के लिए एक बार फिर से केंद्रीय कमेटी बैठक करने वाली है।
संभावना जतायी जा रही है कि खड़गपुर सदर से दिलीप घोष पर भरोसा किया जा सकता है। इस विधानसभा केंद्र पर हिरन के बजाए फिर से दिलीप घोष को मौका मिल सकता है।
वहीं आसनसोल की सीट पर अग्निमित्रा पॉल और दक्षिण कांथी केंद्र से दिव्येंदु अधिकारी को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि कुछ इक्का-दुक्का अपवादों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश विधायकों को ही फिर से टिकट मिल सकता है।
कब हो सकता है विधानसभा चुनाव?
जानकारों ने संभावना जतायी है कि सोमवार को विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की जा सकती है। 16 से 30 अप्रैल के बीच 2 अथवा 3 चरणों में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव करवाए जा सकते हैं। मई के पहले सप्ताह में मतगणना हो सकता है। बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा की मियाद 7 मई को खत्म होगी।