🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

बंगाल के सभी 294 विधानसभा केंद्रों में SDM या उच्च स्तर के अधिकारियों को बनाया गया रिटर्निंग ऑफिसर

जो SDM आने वाले विधानसभा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर काम करेंगे वे वर्तमान में SIR की प्रक्रिया के दौरान ERO की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

By Moumita Bhattacharya

Mar 13, 2026 12:23 IST

राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा केंद्रों के लिए आधिकारिक तौर पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की नियुक्ति की है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश के बाकी राज्यों की तरह बंगाल के सभी 294 विधानसभा केंद्रों में उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) स्तर या उससे उच्च स्तरीय अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

इस बारे में चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब तक 294 विधानसभा केंद्रों में से 152 केंद्रों को SDM से निचले स्तर के अधिकारी ही देखा करते थे।

जो SDM आने वाले विधानसभा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर काम करेंगे वे वर्तमान में SIR की प्रक्रिया के दौरान ERO की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले कहा था कि ग्रुप बी और ग्रुप सी अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर और ERO की जिम्मेदारी सौंपी जाए, जो मतदाताओं की वैधता की जांच करेंगे, मतदाताओं की वैधता से संबंधित समस्याओं का निपटारा करेंगे। लेकिन चुनाव आयोग ने ग्रुप ए अधिकारियों की मांग की जो IAS रैंक अथवा समकक्ष जिला स्तरीय हो।

रिटर्निंग ऑफिसर की वरिष्ठता विवाद उस कानूनी विवाद का हिस्सा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और दोला सेन द्वारा दायर याचिकाएं भी शामिल हैं। इन सभी ने बंगाल में 4 नवंबर 2025 को शुरू हुए SIR की प्रक्रिया को चुनौती दी थी।

Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिम बंगाल और चुनाव के बीच SIR की प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आदेश दिया कि राज्य सरकार के अधिकारियों की जगह न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया जाए। इसके तहत ही पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायिक अधिकारियों और बाद में ओडिशा व झारखंड के न्यायिक अधिकारियों को भी बुलाया गया था।

इन सभी अधिकारियों को ERO की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी जिसमें मतदाता सूची में नाम को जोड़ना, हटाना व संशोधन करना शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को पश्चिम बंगाल गृह विभाग ने चुनाव आयोग को आवश्यक वरिष्ठता वाले अधिकारियों की सूची भेजी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा कि मियाद 7 मई को खत्म होने वाली है। संभावना है कि अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव करवाए जा सकते हैं। बताया जाता है कि सभी विधानसभा केंद्रों में रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति के साथ चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों की घोषणा से ठीक पहले महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य को पूरा कर लिया है।

Prev Article
बंगाल के 145 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची हुई तैयार? कैसा हो उम्मीदवार? नरेंद्र मोदी ने किया स्पष्ट
Next Article
Bengal Election : भाजपा उम्मीदवारों की आधी सूची लगभग तैयार, किसे मिलेगा मौका-किसका हो सकता है पत्ता साफ?

Articles you may like: