पिछले 1 महीने से लंबे समय से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को बंद करवाने की पहल शुरू कर दी गयी है। यह दावा अमेरिकी मीडिया के हवाले से किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दावा किया जा रहा है कि इन दोनों पक्षों के बीच 45 दिनों का युद्धविराम करवाने के लिए अमेरिका-ईरान और कुछ अन्य देश आपस में बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों (अमेरिका-ईरान) के बीच लड़ाई रोकने के लिए पाकिस्तान और तुर्की ने पहल की है।
अगर यह बातचीत सफल रही तो दोनों देशों के बीच चल रही जंग में 45 दिनों का विराम आएगा जिसके बाद युद्ध को बंद करवाने की कोशिशें की जा सकेंगी।
अमेरिकी मीडिया संस्थान Axios की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच लड़ाई को रोकने के लिए फिलहाल शर्तों को लेकर बातचीत हो रही है। दावा किया जा रहा है कि इस बातचीत में अमेरिका और ईरान के साथ-साथ इजरायल भी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की रात को 8 बजे तक का समय दिया है।
अगर इस बीच समझौता नहीं किया गया तो पूरे देश को तबाह करने की धमकी उन्होंने दी है। हालांकि Axios के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इतने कम समय में किसी भी समझौते की उम्मीद करना बेवकूफी है।
इसलिए मध्यस्थता करवा रहे देश फिलहाल युद्धविराम की कोशिशें करवा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक बार अगर युद्धविराम हो जाता है तो धीरे-धीरे युद्ध को स्थायी रूप से बंद करवाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। जानकार इससे कुटनैतिक रूप से एक खास मौका मान रहे हैं। अमेरिकी मीडिया Axios के हवाले से जनसत्ता की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि यह बातचीत सीधे नहीं की जा रही है बल्कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश इस समझौते की मध्यस्थता कर रहे हैं।
साथ ही अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भी मैसेज के जरिए बातचीत हो रही है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी ऐसी परिस्थिति में नहीं फंसना चाहते जैसा गाजा या लेबनान में हुआ। कागजी युद्धविराम लेकिन असल में अमेरिका और इजरायल किसी भी वक्त हमला बोल सकते हैं।