पश्चिम बंगाल सरकार ने कंटेनर में डीजल लेकर जाने के नियमों में छूट की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस बाबत घोषणा करते हुए कहा कि अति आवश्यकता होने पर कंटेनर में ईंधन लेकर जाने पर छूट दी जा रही है।
रविवार (28 जून) को हुई इस घोषणा के बाद अब पेट्रोल पंप से कंटेनर में ईंधन भरकर किसान और चाय बागानों के मजदूर लेकर जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
इस संबंध में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है कि हमारी सरकार आम जनता की रोजमर्रा के जीवन, जरूरी सेवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था को बिना किसी बाधा के सुगम रूप से आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर है।
हाल ही में कंटेनर में डीजल लेकर जाने पर पाबंदी लगायी गयी थी। इस वजह से मेरे मेहनती किसान भाईयों, विभिन्न अस्पतालों और आपातकालिन सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों को समस्याएं हो रही थी। आम जनता के हितों की रक्षा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है।
उन्होंने आगे लिखा कि हमने मुख्य तेल कंपनियों से स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, खाद्य आपूर्ति, जनसेवा और चाय बागान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ईंधन की आपूर्ति के नियमों में सम्पूर्ण छूट देने का निर्देश दिया है। इन सभी आपतकालिन विभागों से जुड़े व्यक्ति, कंपनी और ग्राहक अब से कंटेनर या बैरल में आसानी से डीजल खरीदकर ले जा सकेंगे।
प्रतिदिन इन सभी ग्राहकों को ईंधन प्रदान करने के मामले में जो ऊपरी सीमा निर्धारित की गयी थी, उसमें भी छूट दी गयी है। बिना किसी परेशानी के डीजल खरीदने के लिए पेट्रोल पंप पर सिर्फ प्राथमिक परिचय का दस्तावेज ही दिखाना पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर शुभेंदु अधिकारी का पोस्ट :-
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— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) June 28, 2026
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गौरतलब है कि डीजल की आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार के नियमों में भी पश्चिम बंगाल में पाबंदी जारी की गयी है। धान और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को पानी की अधिक जरूरत होती है। इसके लिए रिवर लिफ्ट इरिगेशन यानी RLI की सुविधा तो मिलती ही है।
साथ ही अधिकांश छोटे सिंचाई इकाईयों के लिए खुद के जेनरेटर के माध्यम से सिंचाई का काम किया जाता है। इसके लिए बैरल अथवा कंटेनर में ईंधन ले जाने से किसानों को सुविधा मिलती है। अब इसी सुविधा का लाभ किसान और चाय श्रमिकों को मिलेगा।