नयी दिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय कंपनियों से भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) से मिले अवसरों का पूरा लाभ उठाने और ब्रिटिश कंपनियों के साथ साझेदारी मजबूत करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते को केवल एक व्यापारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक विकास, निवेश और नवाचार का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
लंदन में आयोजित 'इंडिया-यूके: पार्टनर्स इन प्रोग्रेस बिजनेस प्लेनरी' को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योग जगत को अपने ब्रिटिश समकक्षों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए, ताकि सीईटीए के तहत उभर रहे अवसरों को स्थायी कारोबारी विकास में बदला जा सके।
इस कार्यक्रम में भारत और ब्रिटेन के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्योग जगत ने सीईटीए को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक ढांचा बताया। बैठक में निवेश, तकनीकी साझेदारी, नवाचार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर पीयूष गोयल ने चार महत्वपूर्ण नॉलेज रिपोर्ट भी जारी कीं, जिनका उद्देश्य उद्योगों को सीईटीए के तहत उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने में मदद करना है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ये रिपोर्टें उद्योग जगत को सीईटीए के प्रभावी उपयोग के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन और विश्लेषण उपलब्ध कराएंगी।
कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच सीईटीए के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही नियामकीय प्रक्रियाओं और प्रमाणन व्यवस्था को सरल बनाया जाए, उद्योग-से-उद्योग सहयोग को मजबूत किया जाए तथा कुशल पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाया जाए, ताकि समझौते का पूरा लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य, उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सेवा क्षेत्र और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े विभिन्न सेक्टरों के प्रतिनिधियों ने भी द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए। इनमें नवाचार, निवेश और मजबूत कारोबारी साझेदारी पर विशेष जोर दिया गया।
अपने दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने जीडीयू ग्लोबल एजुकेशन के ग्रुप सीईओ डॉ. विश्वजीत राणा से भी मुलाकात की। दोनों के बीच भारत और ब्रिटेन के बीच उच्च शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने सीईटीए के माध्यम से उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
दो दिवसीय ब्रिटेन दौरे के समापन पर पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में संभावित साझेदारों के साथ हुई चर्चाओं और नए कारोबारी अवसरों पर विचार किया गया।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि इन बैठकों ने भारत-यूके सीईटीए को लेकर दोनों देशों की सरकारों और उद्योग जगत की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाला है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तय शुल्क रियायतों और व्यापारिक प्रावधानों का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।