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केतन अग्रवाल हत्याकांड: फडणवीस सरकार एक्शन में, एसआईटी जांच के बीच फास्ट ट्रैक कोर्ट को मंजूरी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय का भरोसा दिया, एसआईटी जांच जारी; आरोपी पक्ष ने कहा- जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

By श्वेता सिंह

Jun 27, 2026 00:31 IST

पुणेः महाराष्ट्र के लोनावला ग्रामीण क्षेत्र में कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध हत्या के मामले में राज्य सरकार ने त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त किया गया है।

यह निर्णय केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और मुकदमे की सुनवाई तेजी से कराई जाएगी।

पीड़ित परिवार ने की फांसी की मांग

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद विशाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने आरोपियों को मृत्युदंड देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी कर दिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। विशाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि केतन सिर पर छोटा-सा विग पैच इस्तेमाल करता था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह किसी की हत्या की वजह हो सकती है। उनके अनुसार, जानकारी मिली है कि सिया गोयल ट्रैकिंग पर जाना चाहती थी।

उज्ज्वल निकम बोले- यह महाराष्ट्र के लिए चुनौती

विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किए जाने के बाद उज्ज्वल निकम ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार चाहता है कि वे इस मामले की पैरवी करें और इसे महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी चुनौती बताया।

निकम ने कहा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर लिया है। उनके अनुसार, पुलिस जांच अभी जारी है और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ही जांच की स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि कानून का शासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह पूरी निष्ठा से इस मामले की पैरवी करेंगे।

बचाव पक्ष ने लगाए अपने तर्क

मुख्य आरोपी सिया गोयल की ओर से अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि मामला अभी जांच के अधीन है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में इसे आकस्मिक मौत का मामला माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।

उन्होंने दावा किया कि उनकी मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। उनके अनुसार, अब तक ऐसा कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है जो सिया गोयल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि करता हो।

उन्होंने कहा कि 29 जून को अदालत में न्यायिक हिरासत की मांग की जाएगी। यदि पुलिस आगे रिमांड चाहती है तो उसे इसके पर्याप्त आधार अदालत के सामने रखने होंगे।

कंगना रनौत ने भी दी प्रतिक्रिया

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बच्चों के कर्मों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और साथियों का प्रभाव युवाओं के व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित कर रहा है। इसलिए केवल परिवार के आधार पर किसी के संस्कारों का आकलन नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस अब इस मामले की हत्या के तौर पर जांच कर रही है। इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 18 जून की सुबह केतन अग्रवाल अपनी कार से लोहागढ़ पहुंचे। कुछ समय बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी भी वहां पहुंचे। जांच के मुताबिक सुबह करीब 10:15 बजे तीनों किले की चोटी पर मौजूद थे। लगभग 10:40 बजे सिया की मां ने केतन की मां को फोन कर बताया कि वह किले से गिर गया है।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि पहले से तय संकेत मिलने के बाद चेतन चौधरी ने पीछे से केतन को धक्का दिया, जबकि उस समय सिया गोयल वहीं मौजूद थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच एसआईटी की निगरानी में जारी है।

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