तिरुवनंतपुरम : केरल के नीलांबुर में आदिवासी समुदाय के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को बताया कि केरल सरकार ने इस दिशा में फैसला लिया है। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं, भाषाओं, जीवनशैली और त्योहारों को संरक्षित करना होगा।
नीलांबुर में आयोजित आदिवासी छात्रों के सम्मान समारोह में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राज्य सरकार इस विश्वविद्यालय को देश के लिए एक उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित करने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की पहचान और विरासत को बचाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराएं, भाषाएं, जीवन पद्धति और त्योहारों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस पहल के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के विकास कार्यों को लेकर विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब राज्य में सरकार होने के कारण क्षेत्र के लंबित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वायनाड के विकास के लिए उन्होंने सभी संबंधित लोगों से बातचीत की है और अब कई रुके हुए कामों को पूरा कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने वायनाड में मेडिकल कॉलेज, आदिवासी विश्वविद्यालय और लंबित सड़क परियोजनाओं को प्रमुख मुद्दों के रूप में बताया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पिछली सरकार के समय कई परियोजनाएं अटकी हुई थीं, जिन्हें अब आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज, आदिवासी विश्वविद्यालय और सड़क परियोजनाओं जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करना प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन योजनाओं को जल्द गति मिलेगी।
इसके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को जिला स्तर के अधिकारियों के साथ कुम्हार समुदाय की समस्याओं को लेकर समीक्षा बैठक भी की। बैठक में समुदाय से जुड़े मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की गई।