दुबईः संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में शुक्रवार शाम अचानक जारी किए गए मिसाइल हमले के अलर्ट से लोगों में कुछ समय के लिए दहशत फैल गई। हालांकि कुछ ही मिनट बाद अधिकारियों ने नया संदेश जारी कर लोगों से पहले वाली चेतावनी को नजरअंदाज करने की अपील की। इससे संकेत मिला कि अलर्ट संभवतः तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य कारण से गलती से जारी हो गया था।
मोबाइल फोन पर आया था अलर्ट
स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5:15 बजे यूएई के गृह मंत्रालय की ओर से लोगों के मोबाइल फोन पर इनकमिंग मिसाइल की चेतावनी भेजी गई। ईरान से जुड़े हालिया तनाव के बीच इस तरह का संदेश मिलने से लोगों में अचानक चिंता बढ़ गई। हालांकि कुछ ही देर बाद मंत्रालय ने दूसरा संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि पिछली चेतावनी को नजरअंदाज किया जाए।
अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अलर्ट किस वजह से जारी हुआ और न ही इसके पीछे की तकनीकी या प्रशासनिक वजहों का खुलासा किया।
युद्धविराम के बाद पहली बार आया ऐसा अलर्ट
ईरान से जुड़े हालिया संघर्ष में युद्धविराम लागू होने के बाद यह पहली बार था जब दुबई में इस तरह का सार्वजनिक मिसाइल अलर्ट जारी किया गया। ऐसे में अचानक मिले संदेश ने लोगों को चौंका दिया।
ओमान तट पर ड्रोन हमले की आशंका
इस घटनाक्रम से एक दिन पहले ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की आशंका जताई गई थी। संदेह है कि यह हमला ईरान की ओर से किया गया। क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, हालांकि दोनों देशों के बीच फिलहाल अंतरिम समझौता लागू है।
यूएई और ईरान के विदेश मंत्रियों की बातचीत
मिसाइल अलर्ट वापस लेने के कुछ समय बाद यूएई ने जानकारी दी कि विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई।
बातचीत के दौरान यूएई ने ईरान-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते का पूरी तरह पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यूएई ने कहा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकटों के समाधान के लिए गंभीर कूटनीति और जिम्मेदार संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है।