नई दिल्ली : भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार नई मजबूती हासिल कर रहे हैं। भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा है कि दोनों देशों के रिश्ते आज अपने "सर्वकालिक सर्वोच्च स्तर" पर हैं। उनके अनुसार व्यापार, राजनीति, रणनीतिक सहयोग, हरित ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क ने दोनों देशों की साझेदारी को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह सहयोग और व्यापक होगा।
एक विशेष बातचीत में फिलिप एकरमैन ने ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप (जीएसडीपी) को भारत-जर्मनी संबंधों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। जर्मनी को इस विकास में सहयोग देने पर गर्व है और अब वह भारत के निजी क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से भी सीख रहा है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग भविष्य में और तेज होगा।
राजदूत ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते पर वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं। उनका कहना था कि यह समझौता जर्मन कंपनियों के लिए "गेम चेंजर" साबित होगा और भारत में निवेश को नई गति देगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संसद में इस समझौते को लेकर अन्य व्यापारिक समझौतों की तुलना में काफी कम विवाद है, जिससे इसके जल्द लागू होने की संभावना बढ़ जाती है।
रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर एकरमैन ने कहा कि यह अब दोनों देशों के संबंधों का नया और महत्वपूर्ण अध्याय बनने जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले रक्षा सहयोग अपेक्षाकृत धीमा था, लेकिन अब इसमें तेजी आई है। भारत और जर्मनी के बीच प्रस्तावित पनडुब्बी सौदे पर चल रही बातचीत को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक रुख व्यक्त किया और कहा कि जर्मनी इस दिशा में आशावादी है।
अंतरराष्ट्रीय हालात पर बोलते हुए जर्मन राजदूत ने फारस की खाड़ी में हाल के तनाव कम होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी कूटनीतिक प्रयासों के सफल होने की उम्मीद भी जताई।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर एकरमैन ने कहा कि यूक्रेन ने नई तकनीकों का उपयोग कर रूस के भीतर स्थित रिफाइनरियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की क्षमता विकसित की है। हालांकि उन्होंने माना कि जमीनी स्तर पर युद्ध फिलहाल गतिरोध की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से सार्थक वार्ता की इच्छा अभी दिखाई नहीं दे रही, जिससे समाधान की संभावनाएं कमजोर बनी हुई हैं। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप का समर्थन यूक्रेन के लिए लगातार जारी रहेगा।
भारत और जर्मनी के बीच लोगों के स्तर पर बढ़ते संपर्क को भी उन्होंने दोनों देशों की मित्रता का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि जर्मनी में लगभग 60 हजार भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं और वे वहां के माहौल से संतुष्ट हैं। नर्सिंग, देखभाल सेवाओं और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में बर्लिन में यूरोप के सबसे ऊंचे हिंदू मंदिर के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों को और करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
फुटबॉल विश्व कप पर पूछे गए सवाल के जवाब में फिलिप एकरमैन ने जर्मनी की टीम के प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि यह 48 टीमों वाला बेहद चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट है। भारत में समय के अंतर के कारण मैच देखना आसान नहीं है, लेकिन अब तक प्रतियोगिता काफी रोमांचक रही है और उन्हें उम्मीद है कि जर्मनी आगे बेहतर प्रदर्शन करेगा।