चढ़ीगढ़ः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने एनसीआर के जिलों में पर्यावरण-अनुकूल ट्रकों और बसों की खरीद पर मोटर वाहन (एमवी) कर में बड़ी राहत देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य पुराने प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों की जगह स्वच्छ ईंधन और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
नए स्वच्छ वाहनों पर 100 प्रतिशत कर छूट
परिवहन विभाग द्वारा 24 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार बीएस-6 मानकों का पालन करने वाले नए ट्रक और बसों पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर की छूट दी जाएगी। यह छूट इलेक्ट्रिक वाहनों, सीएनजी से चलने वाले वाहनों तथा निर्धारित उच्च उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले अन्य व्यावसायिक वाहनों पर भी लागू होगी।
पुराने स्वच्छ वाहनों की खरीद पर भी राहत
सरकार ने केवल नए ही नहीं, बल्कि निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले पुराने वाहनों की खरीद पर भी राहत दी है। अधिसूचना के अनुसार ऐसे प्रयुक्त ट्रकों और बसों की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
10 वर्ष तक मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र वाहनों को यह कर छूट उनके प्रथम पंजीकरण की तिथि से 10 वर्ष तक मिलेगी। इससे स्वच्छ परिवहन अपनाने वाले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और फ्लीट संचालकों को लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिलेगा।
योजना का लाभ लेने की शर्तें
इस योजना का लाभ केवल उन आवेदकों को मिलेगा जिनके पास हरियाणा के एनसीआर जिलों में पंजीकृत परिवहन ट्रक या बस है। इसके अलावा जिस पुराने वाहन को बदला जा रहा है, वह बीएस-4 अथवा उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाला होना चाहिए।
पुराने वाहनों के निस्तारण की व्यवस्था
सरकार ने पुराने प्रदूषणकारी वाहनों के उचित निस्तारण को भी अनिवार्य बनाया है। बीएस-3 और उससे पुराने ट्रकों तथा बसों को राज्य के पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (आरवीएसएफ) में स्क्रैप कराना होगा। वहीं बीएस-4 वाहनों को या तो पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्र में स्क्रैप कराया जा सकता है या फिर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के दायरे से बाहर के क्षेत्रों में बेचा जा सकता है।
नए वाहन के लिए भी निर्धारित मानक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बदले में खरीदा जाने वाला नया या पुराना वाहन हरियाणा के एनसीआर जिले में ही खरीदा और पंजीकृत होना चाहिए। साथ ही वह वाहन बीएस-6, इलेक्ट्रिक, सीएनजी अथवा अधिसूचना में निर्धारित उच्च उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाला होना चाहिए।
बकाया कर पर भी राहत
अधिसूचना में पुराने व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को भी राहत दी गई है। हरियाणा के एनसीआर जिलों में पंजीकृत बीएस-4 अथवा उससे पुराने ट्रकों और बसों पर यदि मोटर वाहन कर एक वर्ष से अधिक समय से बकाया है, तो उस बकाया कर देनदारी को माफ करने का भी प्रावधान किया गया है।
वायु गुणवत्ता सुधारने में मिलेगी मदद
सरकार का मानना है कि इस योजना से पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को तेजी से हटाने में मदद मिलेगी। इनकी जगह स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बेहतर होगी और राज्य के पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।