लंदनः ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय शाही वित्तीय व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह पहली बार राजा बनने के बाद अपनी निजी आय पर चुकाए गए कर का विवरण सार्वजनिक करेंगे। माना जा रहा है कि यह फैसला शाही परिवार के वित्तीय मामलों में जवाबदेही बढ़ाने और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल का हिस्सा है।
बकिंघम पैलेस की वार्षिक ब्रीफिंग में होगा खुलासा
ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार यह जानकारी बकिंघम पैलेस की वार्षिक सॉवरेन ग्रांट ब्रीफिंग के दौरान जारी की जाएगी। सॉवरेन ग्रांट वह व्यवस्था है जिसके तहत ब्रिटेन के करदाताओं के धन से राजशाही के आधिकारिक खर्चों का वहन किया जाता है। पिछले वर्ष बकिंघम पैलेस ने 159 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि ब्रिटेन के कोषागार से प्राप्त 8.63 करोड़ पाउंड का उपयोग किन-किन कार्यों में किया गया। इसमें महल के बड़े नवीनीकरण कार्यों का खर्च भी शामिल था।
राजा बनने के बाद पहली बार सार्वजनिक होगी जानकारी
किंग चार्ल्स तृतीय जब प्रिंस ऑफ वेल्स थे, तब वह अपनी निजी आय पर चुकाए गए कर का विवरण सार्वजनिक कर चुके थे। हालांकि वर्ष 2022 में अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद सिंहासन संभालने के पश्चात यह पहली बार होगा जब वह अपने व्यक्तिगत कर भुगतान की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस विलियम भी अलग ब्रीफिंग में अपने पिता की तरह इसी प्रकार की जानकारी साझा कर सकते हैं।
प्रिंस एंड्रयू विवाद के बाद बढ़ी पारदर्शिता की मांग
यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब ब्रिटेन में सांसदों और आम जनता की ओर से शाही परिवार की कार्यप्रणाली और वित्तीय मामलों में अधिक पारदर्शिता की मांग की जा रही है। यह मांग विशेष रूप से किंग चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू से जुड़े विवादों के बाद तेज हुई है। वर्ष 2025 में उनसे सभी शाही उपाधियां वापस ले ली गई थीं।
एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर पर चल रही है जांच
अब एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के नाम से जाने जाने वाले किंग चार्ल्स के छोटे भाई की सार्वजनिक पद पर कथित दुराचार के मामले में जांच चल रही है। यह जांच दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ उनकी मित्रता से जुड़े आरोपों के संदर्भ में की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें शाही संपत्ति से बाहर जाना पड़ा है, जहां वे बिना किराया दिए रह रहे थे।
जवाबदेही बढ़ाने का व्यक्तिगत निर्णय
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार महल के सूत्रों ने बताया कि किंग चार्ल्स तृतीय ने अपनी कर संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्णय स्वयं लिया है। इसका उद्देश्य राजशाही की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में बेहतर समझ विकसित करना और जवाबदेही को मजबूत करना है।
राजशाही को आधुनिक बनाने की दिशा में प्रयास
प्रिंस एंड्रयू विवाद से पहले भी किंग चार्ल्स तृतीय राजशाही के आकार को सीमित करने और खर्चों में कमी लाने की बात करते रहे हैं। उनका मानना है कि आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हजार वर्ष पुरानी इस संस्था को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए सुधार आवश्यक हैं।
68 करोड़ पाउंड की निजी संपत्ति
रविवार टाइम्स की वार्षिक अमीरों की सूची के अनुसार किंग चार्ल्स तृतीय की निजी संपत्ति लगभग 68 करोड़ पाउंड आंकी गई है। इस सूची में उनका स्थान ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्तियों में 230वां है।
स्वेच्छा से चुकाते हैं आयकर
ब्रिटिश सम्राट के लिए आयकर देना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद किंग चार्ल्स तृतीय अपनी निजी आय पर स्वेच्छा से कर का भुगतान करते हैं। इस परंपरा की शुरुआत उनकी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने वर्ष 1993 में की थी। इससे एक वर्ष पहले विंडसर कैसल में लगी भीषण आग के बाद महल के पुनर्निर्माण पर हुए खर्च को लेकर जनता में असंतोष पैदा हुआ था।
बाद में सरकार और शाही परिवार के बीच हुए एक समझौते के तहत इस व्यवस्था को औपचारिक रूप दिया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि राजा को किसी भी अन्य करदाता की तरह निजता का अधिकार प्राप्त रहेगा।
निजी आय के प्रमुख स्रोत
किंग चार्ल्स तृतीय केवल अपनी निजी आय पर चुकाए गए कर की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उनकी अधिकांश निजी आय स्कॉटलैंड स्थित बालमोरल एस्टेट, इंग्लैंड के पूर्वी तट पर स्थित सैंड्रिंघम एस्टेट, बचत और निवेश से प्राप्त होती है। बालमोरल एस्टेट 50,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें स्थित बालमोरल कैसल राजा का ग्रीष्मकालीन निवास है। यहां के कई हिस्से पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं और गाइडेड टूर, दोपहर की चाय तथा गोल्फ जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सैंड्रिंघम एस्टेट लगभग 20,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां का भवन और उद्यान आम लोगों के लिए खुले रहते हैं, जबकि अधिकांश भूमि पर खेती की जाती है।
आधिकारिक खर्च पर नहीं लगता कर
राजा को सॉवरेन ग्रांट अथवा आधिकारिक शाही दायित्वों के लिए मिलने वाली आय पर कर नहीं देना पड़ता। यह राशि केवल उनके आधिकारिक कार्यों के संचालन के लिए उपयोग की जाती है।
प्रिंस विलियम की आय का प्रमुख स्रोत
वर्तमान प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस विलियम की निजी आय का मुख्य स्रोत डची ऑफ कॉर्नवाल है। यह भूमि और निवेश से जुड़ा एक ट्रस्ट है, जिसका संचालन प्रिंस ऑफ वेल्स के कार्यकाल के दौरान किया जाता है। इस ट्रस्ट के पास लगभग 1.30 लाख एकड़ भूमि है और पिछले वर्ष इससे 2.29 करोड़ पाउंड का लाभ हुआ था। इसका संचालन निदेशक मंडल करता है तथा बड़े वित्तीय निर्णयों के लिए ब्रिटेन के कोषागार की मंजूरी आवश्यक होती है।