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क्या खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे मोदी? ईरान के निमंत्रण से बढ़ी कूटनीतिक चर्चा

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समारोह में शामिल होने का न्योता दिया

नई दिल्ली/तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजे जाने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। माना जा रहा है कि यह निमंत्रण भारत और ईरान के बीच मजबूत होते संबंधों का संकेत हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकारों का मानना है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाना दोनों देशों के पारंपरिक और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। हालांकि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान जाएंगे या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक स्पष्टता नहीं है। विशेष रूप से इसलिए भी क्योंकि इस समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इसके अलावा दुनिया के कई देशों, खासकर मुस्लिम राष्ट्रों के शीर्ष नेताओं के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। ईरान के पड़ोसी अरब देशों के नेताओं को निमंत्रण भेजा जाता है या नहीं, इस पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। हालिया युद्ध के बाद ईरान और उसके कई अरब पड़ोसियों के संबंधों में तनाव बढ़ने की बात सामने आई है।

एक सूत्र के हवाले से प्रकाशित ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार समारोह में भाग लेने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया है।

गौरतलब है कि 86 वर्षीय आयतोल्ला अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त हवाई कार्रवाई में हुई थी। वह लगातार 36 वर्षों तक इस्लामी गणराज्य ईरान के सर्वोच्च पद पर आसीन रहे और देश की राजनीति तथा नीतियों के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल थे।

इस्लामी परंपरा के अनुसार आम तौर पर मृत्यु के बाद शीघ्र दफनाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है, लेकिन युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण खामेनेई का अंतिम संस्कार तत्काल नहीं हो सका। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा।

कार्यक्रम के तहत 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में एक विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को खामेनेई के जन्मस्थान मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

तेहरान प्रशासन का दावा है कि अंतिम संस्कार कार्यक्रम में लगभग दो करोड़ लोगों की उपस्थिति हो सकती है। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि यह संख्या 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक रूहोल्लाह खोमैनी के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है।

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