पेरिस: फ्रांस में पहली बार इबोला वायरस संक्रमण का मामला दर्ज किया गया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में राहत मिशन पूरा कर स्वदेश लौटे एक चिकित्सक के शरीर में इबोला वायरस की पुष्टि हुई है। मामले के सामने आते ही स्वास्थ्य एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और संक्रमित व्यक्ति को कड़ी निगरानी में विशेष आइसोलेशन सुविधा में रखा गया है।
इस घटना के बाद कांगो की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति भी एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गत 17 मई को इबोला प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किया था। वर्तमान में संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र कांगो का इतुरी प्रांत बना हुआ है, जहां बीमारी तेजी से फैल रही है।
हालिया आंकड़ों के अनुसार कांगो में इबोला संक्रमितों की संख्या 1,000 के पार पहुंच चुकी है। अब तक 254 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कम से कम 100 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में संक्रमित अभी भी अस्पतालों या आइसोलेशन केंद्रों में उपचाराधीन हैं।
विशेषज्ञों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इस प्रकोप के लिए इबोला वायरस का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन जिम्मेदार माना जा रहा है। इस स्ट्रेन के खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत टीका या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि कांगो में संक्रमण पर नियंत्रण और अन्य देशों में इसके संभावित प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमित चिकित्सक को संक्रमण की पुष्टि होते ही तत्काल एक विशेष चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया। मंत्रालय के अनुसार मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फ्रांस में इबोला वायरस रोग का यह पहला पुष्ट मामला है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति के फ्रांस पहुंचते ही सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठा लिए गए थे। मरीज का उपचार जैविक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है और उसे नेगेटिव-प्रेशर आइसोलेशन कक्ष में रखा गया है। संक्रमण के प्रसार की किसी भी आशंका को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं।
फ्रांसीसी प्रशासन ने मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिए विस्तृत महामारी विज्ञान संबंधी जांच शुरू कर दी है। जिन लोगों को संक्रमित व्यक्ति का निकट संपर्क माना जाएगा, उन्हें 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें होम आइसोलेशन में भी भेजा जा सकता है।
फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्कों का पता लगाने और संक्रमण की संभावित श्रृंखला को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।