नई दिल्ली : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वायरल वीडियो विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर नैतिक जिम्मेदारी लेने का दबाव बढ़ाया है। यह विवाद उस समय और गहरा गया जब गुरुग्राम पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया।
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार मामले में हिरासत में लिए गए दो आरोपियों ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि उन्हें वीडियो से संबंधित कथित रिपोर्ट तैयार करने के लिए 10 लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण में अन्य संभावित लोगों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
गुरुग्राम के सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) नवीन शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इनमें अंकित और अरुण शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक अंकित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ संविदा आधार पर साइबर विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर चुका है। आरोप है कि दोनों ने किसी सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला के बिना ही कथित फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की और उसे प्रसारित किया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है तथा मामले के सभी पहलुओं की विशेषज्ञों की मदद से पड़ताल की जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मामले पर उन्हें तलब किया था तब उन्होंने वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार किया गया फर्जी वीडियो बताया था। चुघ ने कहा कि भगवंत मान सत्ता के नशे में हैं और उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उधर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मानती है कि मुख्यमंत्री ने गुरु के सम्मान से जुड़े मामले में गंभीर चूक की है। वड़िंग ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम के एक होटल में बैठक कर रिपोर्ट को विशेष उद्देश्य के अनुरूप तैयार कराया गया, जिससे अकाल तख्त द्वारा दिए गए "गुरु दोखी" के फैसले को बल मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की।
हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार यह कहते रहे हैं कि संबंधित वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इस बीच पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।