पटनाः बिहार के भोजपुर जिले में भारत भूषण तिवारी की मुठभेड़ में मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।
पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह एफआईआर (FIR) सोमवार को शाहपुर थाना में दर्ज की गई। कार्रवाई मृतक की मां द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।
किन अधिकारियों को बनाया गया आरोपी?
दर्ज मामले में तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), तत्कालीन शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) तथा घटना से जुड़े अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है।
भारत भूषण तिवारी शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव के निवासी थे। 17 जून को पुलिस मुठभेड़ के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने बैठाई न्यायिक जांच
मामले के तूल पकड़ने के बाद बिहार सरकार ने 20 जून को न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। मुठभेड़ में पुलिस की कार्रवाई और बल प्रयोग की परिस्थितियों की जांच अब न्यायिक स्तर पर की जा रही है।
परिवार ने प्रशांत किशोर से मुलाकात की
सोमवार को भारत भूषण तिवारी के परिजनों ने पटना में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात की। परिवार ने न्याय की लड़ाई में उनका समर्थन मांगा।
परिजनों ने 24 जून को प्रस्तावित पंचायत बैठक में शामिल होने का भी आग्रह किया। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रशांत किशोर ने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
मृतक की पहचान को लेकर भी विवाद
घटना के बाद पुलिस ने अपने शुरुआती बयान में भारत भूषण तिवारी को "मानसिक रूप से अस्वस्थ" बताया था। हालांकि परिवार और स्थानीय लोगों ने इस दावे को खारिज करते हुए उन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता बताया, जो क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाते थे।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें कथित तौर पर तिवारी मुठभेड़ से पहले अपना हथियार फेंकते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर पुलिस का दावा रहा है कि तिवारी ने पुलिस टीम पर कई बार गोली चलाई थी। इसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई फायरिंग के दौरान उनके पैर में गोली लगी थी। इसी घटनाक्रम को लेकर अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल करेंगी।