टेक्सास : फीफा विश्व कप 2026 में सोमवार का दिन फुटबॉल जगत के तीन बड़े सितारों के नाम रहा। अर्जेंटीना के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, वहीं फ्रांस के किलियन एम्बापे और नॉर्वे के एरलिंग हालैंड ने भी शानदार प्रदर्शन कर गोल्डन बूट की दौड़ को रोमांचक बना दिया।
अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया और इस जीत में मेसी ने दोनों गोल किए। इस प्रदर्शन के साथ मेसी फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले वह जर्मनी के महान खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज के साथ 16 गोल पर बराबरी पर थे, लेकिन अब उनके नाम 18 विश्व कप गोल दर्ज हो गए हैं।
वहीं फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बापे ने भी दो गोल दागकर इतिहास की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। फीफा के अनुसार एम्बापे अब विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान के करीब पहुंच गए हैं।
मेसी का ऐतिहासिक सफर, क्लोज का रिकॉर्ड टूटा
लियोनेल मेसी का रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले उन्होंने जस्ट फोंटेन, गर्ड मुलर और ब्राजील के रोनाल्डो के विश्व कप गोल रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। अब उन्होंने मिरोस्लाव क्लोज के 16 गोल के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है।
ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में मेसी ने शुरुआत में पेनल्टी मिस की, लेकिन इसके बाद उन्होंने दो गोल कर अर्जेंटीना की जीत पक्की कर दी। इस टूर्नामेंट में अर्जेंटीना की ओर से अब तक किए गए सभी पांच गोल मेसी के नाम हैं। खास बात यह है कि गत चैंपियन अर्जेंटीना ने अभी तक एक भी गोल नहीं खाया है और एक मैच बाकी रहते राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली है।
38 वर्षीय मेसी ने लगातार छह विश्व कप मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड भी बराबर कर लिया है। यह उपलब्धि अब तक फ्रांस के जस्ट फोंटेन और ब्राजील के जायरजिन्हो के नाम थी।
मेसी इससे पहले अर्जेंटीना के शुरुआती मुकाबले में अल्जीरिया के खिलाफ भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उस मैच में उन्होंने अपने करियर की पहली विश्व कप हैट्रिक लगाई थी और देश के लिए 200वीं अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज की थी।
एम्बापे ने भी दिखाई अपनी ताकत
मेसी के रिकॉर्ड बनाने के बाद फ्रांस के किलियन एम्बापे ने भी अपनी क्षमता साबित की। 100वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरते हुए एम्बापे ने दो गोल किए और फ्रांस को राउंड ऑफ 32 में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
27 वर्षीय एम्बापे फ्रांस की पुरुष राष्ट्रीय टीम के लिए 100 मैच खेलने वाले 10वें खिलाड़ी बन गए। वह इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले फ्रांस के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।
एम्बापे विश्व कप इतिहास में लगातार तीन मुकाबलों में दो या उससे ज्यादा गोल करने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि हंगरी के सांडोर कोचिस, अर्जेंटीना के गुइलेर्मो स्टाबिले और लियोनेल मेसी हासिल कर चुके हैं।
हालैंड का भी धमाका, नॉर्वे ने बनाई नॉकआउट में जगह
नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड ने भी गोल करने की अपनी शानदार लय जारी रखी। उन्होंने सेनेगल के खिलाफ लगातार दूसरे मुकाबले में दो गोल किए और नॉर्वे को 3-2 की जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इस जीत के साथ नॉर्वे ने भी अर्जेंटीना और फ्रांस के साथ राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। हालांकि गोल अंतर के कारण नॉर्वे ग्रुप में फ्रांस के पीछे दूसरे स्थान पर है।
हालैंड फीफा विश्व कप इतिहास में शुरुआती दो मुकाबलों में लगातार कई गोल करने वाले छठे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले अर्जेंटीना के गुइलेर्मो स्टाबिले, हंगरी के सांडोर कोचिस, फ्रांस के जस्ट फोंटेन, पोलैंड के ग्रेजगॉर्ज लाटो और इंग्लैंड के हैरी केन यह कारनामा कर चुके हैं।
नॉर्वे और सेनेगल के बीच रोमांचक मुकाबला
न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में नॉर्वे और सेनेगल के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। नॉर्वे के जूलियन रयेरसन चोटिल हो गए, जिसके बाद मैदान पर आए मार्कस पेडरसन ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई।
दूसरे हाफ की शुरुआत में हालैंड ने बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद सेनेगल के इस्माइला सार ने गोल कर मुकाबले में वापसी की कोशिश की।
लेकिन हालैंड ने फिर गोल कर नॉर्वे की बढ़त मजबूत कर दी। अतिरिक्त समय में इस्माइला सार ने दूसरा गोल जरूर किया, लेकिन नॉर्वे ने अपनी बढ़त कायम रखते हुए 3-2 से जीत दर्ज कर ली।
इस तरह फीफा विश्व कप 2026 में मेसी, एम्बापे और हालैंड की शानदार फॉर्म ने टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बना दिया है।