नई दिल्लीः भारत और ब्रिटेन ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया है। दोनों देशों के बीच आयोजित एक प्रमुख बैठक में सैन्य साझेदारी को और मजबूत करने, नई रक्षा तकनीकों में सहयोग बढ़ाने तथा भविष्य की रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुरूप एक मजबूत रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी। अधिकारियों के अनुसार चर्चा रचनात्मक और दूरदर्शी रही तथा इससे दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को और गति मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटेन में आयोजित हुई 15वीं एग्जीक्यूटिव स्टीयरिंग ग्रुप बैठक
भारतीय सेना ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत-ब्रिटेन एग्जीक्यूटिव स्टीयरिंग ग्रुप (ईएसजी) की 15वीं बैठक 17 से 19 जून के बीच ब्रिटेन में आयोजित की गई। यह बैठक दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
रक्षा प्रतिष्ठानों और संस्थानों का किया गया दौरा
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन के ट्रायल्स एंड एक्सपेरिमेंटल ग्रुप का दौरा किया। इसके अलावा लंदन स्थित ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय में आयोजित ईएसजी बैठक में भाग लिया गया। प्रतिनिधियों ने स्टीवनेज स्थित रक्षा कंपनी एमबीडीए का भी दौरा किया, जहां रक्षा प्रौद्योगिकी और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
सैन्य सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर हुई चर्चा
बैठक में बहुस्तरीय सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और अंतरसंचालन क्षमता विकसित करने, द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बढ़ावा देने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर विचार किया गया।
इसके साथ ही विशिष्ट और उभरती सैन्य प्रौद्योगिकियों से जुड़े विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण सहयोग के नए अवसरों की तलाश तथा रक्षा क्षेत्र से जुड़े थिंक टैंकों के बीच संपर्क और संवाद बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
भारतीय सेना और ब्रिटिश सेना के बीच सहयोग होगा और मजबूत
भारतीय सेना के अनुसार बैठक में हुई चर्चा रचनात्मक और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई। विचार-विमर्श के दौरान ऐसा मजबूत रोडमैप तैयार किया गया, जिससे भारतीय सेना और ब्रिटिश सेना के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा किया जा सके तथा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिल सके।
व्यापक व्यापार समझौते और रक्षा औद्योगिक रोडमैप का भी मिलेगा लाभ
इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा था कि भारत और ब्रिटेन हाल ही में हुए व्यापक व्यापार समझौते और रक्षा औद्योगिक रोडमैप के आधार पर भविष्य उन्मुख तथा दोनों देशों के लिए लाभकारी नई साझेदारी विकसित करने की बेहतर स्थिति में हैं।