कोलकाताः पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने नवीनतम बजट में प्रोफेशनल टैक्स को लेकर बड़ी राहतों की घोषणा की है। इन फैसलों से वेतनभोगी कर्मचारियों, स्वरोज़गार से जुड़े पेशेवरों, छोटे कारोबारियों और बीएसएफ जवानों को सीधे तौर पर फायदा मिलने वाला है। सरकार का दावा है कि कर छूट की नई सीमाएं बढ़ाने से लाखों लोगों पर कर का बोझ कम होगा और छोटे व्यवसायों को भी राहत मिलेगी।
पश्चिम बंगाल स्टेट टैक्स ऑन प्रोफेशन्स, ट्रेड्स, कॉलिंग्स एंड एम्प्लॉयमेंट्स एक्ट, 1979 के तहत राज्य में कामकाजी लोगों, पेशेवरों और कारोबारियों को प्रोफेशनल टैक्स का भुगतान करना होता है। सोमवार को पेश किए गए बजट में इस व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव रखा गया।
अब तक 10,000 रुपये तक मासिक आय वाले वेतनभोगी कर्मचारियों को प्रोफेशनल टैक्स नहीं देना पड़ता था। बजट में इस सीमा को बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इससे कम और मध्यम आय वर्ग के बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है।
स्वरोज़गार से जुड़े पेशेवरों और व्यक्तिगत करदाताओं के लिए भी सरकार ने कर छूट का दायरा बढ़ाया है। पहले 60,000 रुपये तक की वार्षिक आय पर प्रोफेशनल टैक्स नहीं लगता था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई है। इससे छोटे पेशेवरों और स्वयं का व्यवसाय करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
व्यापारियों और कारोबारी प्रतिष्ठानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। पहले 5 लाख रुपये तक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यवसायों को प्रोफेशनल टैक्स से छूट प्राप्त थी। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बजट में इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे छोटे और उभरते कारोबारों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।
इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। अब तक उन्हें प्रोफेशनल टैक्स से छूट देने की कोई व्यवस्था नहीं थी। बजट प्रस्ताव में बीएसएफ कर्मियों को प्रोफेशनल टैक्स के भुगतान से पूरी तरह छूट देने की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि यह कदम देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा।