ममत बनर्जी को चेयरपर्सन के पद से हटाकर हावड़ा के नेता अरूप राय को ऋतव्रत बनर्जी गुट के 'असली तृणमूल' में चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठाया गया है। सोमवार (22 जून) की शाम को इस खबर के फैलते ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गयी।
इसके बाद ही तृणमूल के कालीघाट गुट की नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की सूची सामने आयी है। मिली जानकारी के अनुसार 22 जून को ही यह सूची चुनाव आयोग के पास भेजा गया है। गौर करने वाली बात है कि इस सूची में चेयरपर्सन के तौर पर ममता बनर्जी का ही नाम लिखा हुआ है और सूची के नीचे उनका हस्ताक्षर भी है।
तृणमूल के कालीघाट गुट की कार्यसमिति में सहअध्यक्ष सुब्रत बख्शी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बनाया गया है जो लोकसभा में पार्टी के नेता भी हैं। इस सूची में कुल 24 नेताओं का नाम है।
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सोमवार को ऋतव्रत बनर्जी गुट में नेशनल वर्किंग कमेटी (राष्ट्रीय कार्यसमिति) बनाने की तैयारियां चल रही हैं, उसी दिन ममता बनर्जी ने नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की सूची तैयार कर चुनाव आयोग के पास भेजा। इस सूची के नीचे उनके दस्तखत भी मौजूद हैं।
5 जून को घोषित हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति में अरुप विश्वास को शामिल किया गया था लेकिन कल यानी 22 जून को जिस राष्ट्रीय कार्यसमिति की सूची बनायी गयी उसमें उनका नाम नहीं है। इसके अलावा और भी कई नेताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि तृणमूल की नई राष्ट्रीय कमेटी कौन ही है? सोमवार को न्यू टाउन के होटल से ऋतव्रत बनर्जी ने जिस कार्यसमिति की घोषणा की वह या फिर ममता बनर्जी ने जो सूची चुनाव आयोग में भेजी है वह? जानकारों का मानना है कि इस मुद्दे पर अब चुनाव आयोग में लड़ाई शुरू होगी। मामला अदालत तक भी पहुंच सकता है।