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महिलाओं के खाते में पैसा, युवाओं के लिए नौकरी और किसानों को सहारा, बंगाल बजट में बड़े दांव

पंचायतों को सबसे बड़ा हिस्सा, कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी और किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद।

By श्वेता सिंह

Jun 22, 2026 19:10 IST

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए साफ कर दिया है कि वह एक तरफ राज्य पर मौजूद भारी कर्ज के बोझ से निपटना चाहती है, तो दूसरी तरफ विकास और कल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार भी बनाए रखना चाहती है। वित्त मंत्री स्वप्न दास गुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि सरकार को 8.16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला है, जो राज्य की वित्तीय स्थिति पर बड़ा दबाव बनाता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार खर्च और उधारी दोनों पर संतुलित नजर रखेगी। राजस्व बढ़ाने, केंद्र सरकार की योजनाओं का बेहतर इस्तेमाल करने और सरकारी खर्चों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

गांवों के विकास पर सबसे ज्यादा खर्च

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.39 लाख करोड़ रुपये के बजट में सबसे बड़ी हिस्सेदारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को दी गई है। इस विभाग के लिए 51,836.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि राज्य की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और विकास का असली फायदा वहीं तक पहुंचना चाहिए। इसी सोच के तहत ग्रामीण सड़कों का निर्माण, पेयजल आपूर्ति, आवास योजनाएं, मनरेगा के काम और जल संरक्षण परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा।

सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने और जल संरक्षण ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि किसानों की आय बढ़े और खेती मौसम की मार से कम प्रभावित हो।

शिक्षा को मिली दूसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता

बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी प्रमुख स्थान मिला है। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44,948.21 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पूरे बजट में दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है।

सरकार स्कूलों और कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, डिजिटल कक्षाओं का विस्तार करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने पर जोर देगी। इसके अलावा छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न संस्थानों का आधुनिकीकरण भी किया जाएगा।

स्कूलों और कॉलेजों में 50 हजार भर्तियां

शिक्षा व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा भर्ती अभियान शुरू करने का फैसला किया है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 50 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इनमें शिक्षक और गैर-शिक्षण दोनों तरह के पद शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।

युवाओं के लिए एक लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा

बजट की सबसे चर्चित घोषणाओं में एक लाख नई सरकारी नौकरियां शामिल हैं। सरकार विभिन्न विभागों में चरणबद्ध तरीके से इन पदों को भरेगी।

इनमें 20 हजार पद पुलिस विभाग में सृजित किए जाएंगे, जबकि ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स में 1,000 रिक्तियां भरी जाएंगी। बाकी पद अन्य विभागों की जरूरत के अनुसार दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत

राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। मौजूदा 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते के ऊपर 20 प्रतिशत अतिरिक्त डीए देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से कुल डीए बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। इसी के अनुरूप पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत में भी वृद्धि होगी। लंबे समय से डीए बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।

महिलाओं के खातों में हर महीने आएंगे 3,000 रुपये

महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए सरकार ने 25 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

यह राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में उनकी भूमिका और निर्णय क्षमता बढ़ेगी। यह योजना महिला स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के साथ मिलकर काम करेगी।

किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद

कृषि क्षेत्र के लिए भी बजट में कई राहत भरे कदम उठाए गए हैं। केंद्र सरकार की पीएम-किसान योजना के तहत मिलने वाली 6,000 रुपये की वार्षिक सहायता के अलावा राज्य सरकार अब किसान परिवारों को 3,000 रुपये अतिरिक्त देगी।

इसके साथ ही सिंचाई पंपों के लिए बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी भी दी जाएगी। सरकार ने खरीफ 2026 से 16 फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाने का भी फैसला किया है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को बड़ा सुरक्षा कवच मिलेगा।

विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन का प्रयास

राज्य सरकार के पहले बजट से यह साफ संकेत मिला है कि वह एक ओर कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर विकास और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर खर्च बढ़ाकर जनता को सीधे लाभ पहुंचाने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

ग्रामीण विकास, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे क्षेत्रों में बड़े आवंटन यह दर्शाते हैं कि सरकार अपनी प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की तैयारी में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन घोषणाओं को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से अमल में लाया जाता है।

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