अर्जेंटीना: फुटबॉल में खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए नए हाइड्रेशन ब्रेक नियम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फीफा (FIFA) के इस फैसले पर अब कई कोच और खिलाड़ी सवाल उठाने लगे हैं। इसी कड़ी में अर्जेंटीना कोच लियोनेल स्कालोनी (Lionel Scaloni) ने भी खुलकर नाराजगी जताई है।
क्या है नया हाइड्रेशन ब्रेक नियम?
फीफा ने सभी मैचों में खिलाड़ियों को गर्मी और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए हर हाफ के दौरान एक-एक अनिवार्य तीन मिनट का हाइड्रेशन ब्रेक लागू किया है। यह ब्रेक आमतौर पर पहले हाफ और दूसरे हाफ में लगभग 22–23 मिनट के आसपास लिया जाता है, और मौसम की स्थिति कैसी भी हो, इसे रोका नहीं जा सकता।
स्कालोनी की आपत्ति: ‘लय टूट रही है’
ऑस्ट्रिया के खिलाफ ग्रुप मैच से पहले मीडिया से बातचीत में लियोनेल स्कालोनी (Lionel Scaloni) ने कहा कि इस नए नियम ने खेल की प्राकृतिक गति को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली रुकावटों के कारण मैच का फ्लो टूट रहा है और खिलाड़ियों को अपनी लय बनाए रखने में दिक्कत हो रही है। उनके मुताबिक, यह बदलाव सिर्फ खेल की गति ही नहीं, बल्कि पूरी रणनीति को भी प्रभावित कर रहा है।
‘मैच अब चार हिस्सों में बंट गया है’
स्कालोनी ने आगे कहा कि इस नियम के कारण अब मैच का स्वरूप पहले जैसा नहीं रह गया है। उनके अनुसार, खेल अब केवल दो हिस्सों में नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप से चार अलग-अलग हिस्सों में बंटता नजर आता है।
उन्होंने यह भी बताया कि कोचिंग स्टाफ के लिए यह ब्रेक रणनीतिक चर्चा का अतिरिक्त अवसर बन गया है, लेकिन इससे मैच की निरंतरता प्रभावित होती है।
रणनीति पर भी असर
स्कालोनी के मुताबिक, यह हाइड्रेशन ब्रेक पीछे चल रही टीमों को अपनी गलतियों को सुधारने और नई रणनीति बनाने का मौका देता है। हालांकि, इससे मुकाबले का संतुलन बार-बार बदलता रहता है, जिससे खेल की स्वाभाविक गति प्रभावित होती है।
फीफा के इस नियम को लेकर पहले भी कई कोच और खिलाड़ी असंतोष जता चुके हैं। समर्थकों का कहना है कि यह खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे मैच की निरंतरता और रोमांच प्रभावित होता है।
इस समय अर्जेंटीना नेशनल फुटबॉल टीम (Argentina national football team) आगामी मुकाबलों की तैयारी में जुटी है और टीम का ध्यान ऑस्ट्रिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच पर है। वहीं आने वाले समय में फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) जैसे बड़े टूर्नामेंट को देखते हुए इस तरह के नियमों पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।