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श्यामाप्रसाद मुखर्जी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गयी थी, बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री ने TMC को लिया आड़े हाथ

मुख्यमंत्री ने पूर्व की तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 सालों से राज्य में जमात की सरकार चल रही है।

By Moumita Bhattacharya

Jun 23, 2026 14:46 IST

'श्यामाप्रसाद मुखर्जी, स्वामी प्रणवानंद के कार्यों को भुला देने की कोशिशें की गयी है।' मंगलवार (23 जून) को कोलकाता के हाजरा मोड़ पर 'बलिदान दिवस' के मौके पर आयोजित रक्तदान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने तृणमूल सरकार को आड़े हाथों लिया।

इसके साथ ही उन्होंने श्यामाप्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय मौत को साजिश करार देते हुए एक बार फिर से दोहराया कि पश्चिम बंगाल श्यामाप्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर ही चलेगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करना चाहा, तब मामला तक दायर किया गया था। उन्होंने पूर्व की तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 सालों से राज्य में जमात की सरकार चल रही है।

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उन लोगों ने श्यामाप्रसाद मुखर्जी, स्वामी प्रणवानंद को भुला देने की कोशिश की थी। साथ गत 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में 'पश्चिम बंग दिवस' मनाने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अगली पीढ़ी तक इन आदर्शों को पहुंचाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल पहली बार कोलकाता नगर निगम और सूचना एवं संस्कृति विभाग ने संयुक्त रूप से बलिदान दिवस का आयोजन किया।

गौरतलब है कि जम्मु-कश्मीर में प्रवेश के लिए 'परमिट' लेना होगा, इसका विरोध करते हुए श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन शुरू किया था। मई के महीने में उन्हें श्रीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया। जेल में ही वह बीमार पड़ गए थे। श्रीनगर के एक अस्पताल में ही उन्हें भर्ती करवाया गया था लेकिन 23 जून 1953 को उनकी मौत हो गयी।

तत्कालीन केंद्र सरकार ने दावा किया था कि हृदयाघात की वजह से श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मौत हुई है। हालांकि भाजपा ने इसका तीव्र विरोध भी जताया था।

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आज (23 जून) श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मौत को षड्यंत्र करार देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह एक देश, एक निसान (झंडा) और एक विधान (संविधान) की मांग कर रहे थे।

इसलिए उन्हें रास्ते से हटा दिया गया था। बंगीय कानून सभा में 58-21 वोट में पश्चिम बंगाल के भारत समझौते का उल्लेख करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि तारकेश्वर हिंदु महा सम्मेलन रेजोल्यूशन को श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने ही पास करवाया था। आप भरोसा रखे, यह सरकार उनके आदर्शों पर ही चलेगी।

हुगली के बलागढ़ जिराट में श्यामाप्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास पर उनकी 125 फीट ऊंची नई प्रतिमा के निर्माण की घोषणा पश्चिम बंगाल सरकार ने की।

पुराने मकान का जीर्णोद्धार करने के साथ-साथ इलाके के सुन्दरीकरण लिए 200 करोड़ रुपया बजट में आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जन्मदिवस पर इसका काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके जन्म दिवस पर ही भूमि पूजन का काम शुरू होगा।

तृणमूल सुप्रीमो पर कटाक्ष

इसके बाद तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का नाम लिए बगैर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भवानीपुर में मुझसे 2 बार हार गयी हैं। उन्होंने श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम कभी आयोजित नहीं करने दी।

उन्होंने बताया कि युवा मोर्चा बहुत मुश्किल से भवानीपुर में श्यामाप्रसाद मुखर्जी के घर के सामने बलिदान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करता था।

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