जयपुर : राजस्थान एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने जयपुर में रहने वाली एक महिला को पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के स्लीपर सेल से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि महिला के संपर्क पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से थे और उसके मोबाइल फोन व सोशल मीडिया खातों से कई संदिग्ध जानकारियां मिली हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला का नाम बबीता ढाकड़ है, जबकि वह ‘खादिजा’ नाम से भी पहचानी जाती थी। मूल रूप से गंगापुर की निवासी बबीता गिरफ्तारी के समय जयपुर में रह रही थी। पुलिस ने उसे रविवार को हिरासत में लिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों से जुड़ी जानकारियां जैश-ए-मोहम्मद और उससे जुड़े नेटवर्क तक पहुंचाई थीं।
सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि महिला के मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच के दौरान दो सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट का पता चला। अधिकारियों के मुताबिक फेसबुक अकाउंट में विदेशी प्रोफाइलों से जुड़े लिंक और कई आपत्तिजनक सामग्री मौजूद थीं। इसके अलावा वहां कुछ प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित लिंक भी पाए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि महिला की फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में ऐसे कई अकाउंट शामिल थे, जिन पर जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों के प्रतीक चिह्न, झंडे तथा हथियारबंद लोगों की तस्वीरें साझा की गई थीं। अधिकारियों का दावा है कि बबीता के व्हाट्सएप अकाउंट से कई पाकिस्तानी नंबरों और विदेशी नागरिकों के साथ हुई बातचीत के प्रमाण भी मिले हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार महिला ने अपना धर्म परिवर्तन किया था। आरोप है कि पाकिस्तान में मौजूद एक धार्मिक नेता ने टेलीफोन के माध्यम से धर्मांतरण की प्रक्रिया में उसकी मदद की थी। सूत्रों के मुताबिक, उसी धार्मिक नेता ने महिला को बताया था कि अबू-उबैदा नाम का एक व्यक्ति उससे विवाह करना चाहता है। इसके बाद उसे कुछ धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए थे।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि महिला को पाकिस्तान ले जाने की योजना बनाई जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि 29 नवंबर 2016 को जम्मू के बालिनी क्षेत्र के निकट भारतीय सेना के एक कैंप पर हुए आतंकी हमले से महिला का कथित संबंध रहा है। उस हमले में भारतीय सेना के छह जवान शहीद हुए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कारी जरार पर उस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि आतंकी संगठन महिला का उपयोग भारत में विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं को अंजाम देने के लिए करना चाहता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए जांच अभी जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां महिला के संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों, विदेशी कनेक्शन और संभावित नेटवर्क की भूमिका को लेकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।