मंगलवार (23 जून) की सुबह टिकियापाड़ा में बाईपास से सटे इलाके में चला रेलवे का बुलडोजर। सिर्फ अवैध दुकानें ही नहीं बल्कि झोपड़ी और बस्ती को भी तोड़ दिया गया। इस दौरान उल्लेखनीय रूप से बड़ी संख्या में केंद्रीय बल और पुलिस भी मौजूद रहे।
बताया जाता है कि करीब 1 घंटे तक चले अभियान में झोपड़ी से लेकर दुकानों तक को तोड़कर इलाके को पूरी तरह से साफ कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दक्षिण-पूर्व रेल के टिकियापाड़ा से हावड़ा जाने वाली रेलवे लाइन के किनारे रेलवे की जमीन है लेकिन लंबे समय से गैरकानूनी रूप से उस जमीन पर कब्जा जमाकर कम से कम 100 परिवार अवैध रूप से रहते थे।
रेलवे का दावा है कि कई बार नोटिस भेजकर जमीन खाली करने के लिए कहा गया था लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
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इसके बाद भूमि को कब्जे से मुक्त करवाने के लिए आज (23 जून) सुबह पुलिस और आरपीएफ के जवान बुलडोजर लेकर हाजिर हुए। पहले माइकिंग करते हुए अवैध कब्जे को खाली करने के लिए कहा गया। इस दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि जिन लोगों ने गैरकानूनी रूप से स्टेशन परिसर के आसपास के इलाके पर कब्जा जमाया हुआ है, वे अविलंब अपनी झोपड़ी को हटा लें।
इसके बाद कुछ देर का समय भी दिया गया लेकिन इसका कोई फायदा होता नहीं दिखा। आरोप है कि किसी ने भी अपनी झोपड़ी को न तो खाली किया और न ही हटा। इसके बाद ही बुलडोजर कार्रवाई की गयी।
ðŸ¨Bulldozer Action ðŸðŸ©
— Mr. FAFO 🌻💣 (@Fafo_xyz) June 23, 2026
Finally Bulldozers has reached the notorious illegal settlements of Howrah,Tikiapara.
Under @cpimspeak & @AITCofficial these encroachments not only became breeding grounds of crimes but also dengue mosquitos which kills hundreds every year.
Great Work🧠pic.twitter.com/Mu6gBvUt3T
झोपड़ी के साथ यहां मौजूद कुछ दुकानों को भी तोड़ दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। रेलवे प्रबंधन का दावा है कि टिकियापाड़ा में रेलवे लाइन के बगल में बड़ी नालियां हैं।
उनके ऊपर ही इन झोपड़ियों का निर्माण किया गया था। इस वजह से बारिश के समय नालियां साफ नहीं हो पाती थी जिस कारण रेल लाइन पर पानी जमा हो जाता था। इसका असर रेलवे सेवा पर भी पड़ता था। अब रेलवे प्रबंधन सभी नालियों को साफ करना चाहती है। इसलिए झोपड़ियों को तोड़ने के लिए अभियान चलाया गया।
इससे पहले नोटिस जारी कर हावड़ा, सियालदह, दमदम, हाबड़ा, जादवपुर में रेलवे ने अभियान चलाया और अवैध कब्जे से रेलवे की जमीन को खाली करवाया। रेलवे की इस कार्रवाई से यात्रियों ने खुशी भी जतायी। उनका कहना था कि दुकानों की वजह से स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। लोगों को आने-जाने में काफी समस्या भी होती थी। खासतौर पर दिन के व्यस्त समय में लोगों को काफी परेशानी होती थी।