मुंबई : मुंबई में लंबे समय से चल रही शुष्क और गर्म मौसम की स्थिति के बीच आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार (23 जून 2026) को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि मानसून अब मुंबई तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में मौसम के बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून 2026 को केंद्रीय अरब सागर के शेष हिस्सों, महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों जिसमें मुंबई शामिल है, तेलंगाना और ओडिशा के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों तक आगे बढ़ गया है। यह प्रगति मानसून प्रणाली के व्यापक विस्तार का हिस्सा है, जो देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी फैल रही है।
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के उत्तर अरब सागर और गुजरात के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के और क्षेत्रों तथा मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तक आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। इसके बाद 3 से 4 दिनों में झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून पहुंचने की संभावना है।
मानसून की दस्तक से पहले मुंबई और रायगढ़ में मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई थी। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के हवाले से ताजा ‘नाउकास्ट’ चेतावनी जारी की थी, जिसमें तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और मध्यम बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके साथ ही कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई थी।
मंगलवार सुबह लगभग 7:00 बजे मुंबई और रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, जो अगले तीन घंटे तक प्रभावी रहा। इस दौरान अचानक आने वाले तूफान और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट के लिए मछुआरों को विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग ने सलाह दी है कि 22 जून से 26 जून तक समुद्र में न जाएं, क्योंकि इस अवधि में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंकों के साथ खराब मौसम रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले और शहरी क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा अचानक बाढ़, सड़क-रेल-हवाई और फेरी सेवाओं में बाधा, फसलों और बागवानी को नुकसान तथा तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका भी जताई गई है।
आईएमडी ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करें, कमजोर ढांचों से दूर रहें, तूफान के दौरान जलाशयों के पास न जाएं और खराब मौसम की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।